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Chardham Yatra 2026 को लेकर हाई अलर्ट!, बैठक में ट्रैफिक-आपदा से निपटने का मास्टर प्लान तैयार

आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर डीजीपी की हाई-लेवल बैठक हुई। जिसमें सुरक्षा से यातायात तक तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में डीजीपी ने सुरक्षित और सुगम यात्रा के कड़े निर्देश दिए है। 2 ADG सहित 4 IG चारों धामों सहित यात्रा रूट का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। चारधाम यात्रा के दौरान करीब 7000 पुलिसकर्मी 24×7 तैनात रहेंगे। पूरे यात्रा इलाके को 16 सुपर जोन, 149 सेक्टर और 118 पार्किंग स्थलों में बांटा गया है।

Chardham Yatra 2026 को लेकर हाई अलर्ट!, DGP की हाई-लेवल बैठक

आज डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में आगामी चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा-2026 की तैयारियों के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें चारधाम यात्रा मार्गों, धामों और संबंधित जनपदों में सुरक्षा, यातायात, भीड़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में गढ़वाल परिक्षेत्र के समस्त जनपद प्रभारियों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया और अपने-अपने कार्ययोजना का विस्तृत जानकारी दी।

अधिकारियों को अलग-अलग धामों और क्षेत्रों की जिम्मेदारी

चारधाम यात्रा मार्गों और धामों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग स्थल, सुरक्षा प्लान, भीड़ प्रबन्धन, हॉल्टिंग पॉइंट्स, टोकन व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन केन्द्र और ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल के रहने, भोजन सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किए जाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग धामों की व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए नामित किया गया है:-

• श्री गंगोत्री धाम – अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री वी. मुरुगेशन
• श्री बद्रीनाथ धाम – अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन- श्री ए.पी. अंशुमान
• हरिद्वार– पुलिस महानिरीक्षक, पी एण्ड एम- श्रीमती विम्मी सचदेवा
• श्री केदारनाथ धाम – पुलिस महानिरीक्षक, साइबर/पीएसी- श्री नीलेश आनन्द भरणे
• श्री युमनोत्री धाम – पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण- श्री अनन्त शंकर ताकवाले
• ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती – पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री सुनील कुमार मीणा

आईजी गढ़वाल को बनाया गया नोडल अधिकारी

चारधाम यात्रा-2026 के लिए आईजी गढ़वाल रेंज, राजीव स्वरूप को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनकी निगरानी में गढ़वाल रेंज ऑफिस में “एकिकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” स्थापित किया गया है। जहां से धामों, यात्रा मार्गों और प्रमुख ठहराव स्थलों पर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की 24×7 मॉनिटरिंग एवं समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन तथा 149 सैक्टर में बांटा

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सम्पूर्ण यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन तथा 149 सैक्टर में बांटा गया है। करीब 7000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो विभिन्न पड़ावों, मंदिर परिसरों, मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर ड्यूटी निभाएंगे। सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एटीएस (ATS) टीमों को भी धामों में तैनात किया जा रहा है। जिनके द्वारा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा जाएगा।

चारधाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए कुल 118 पार्किंग स्थलों को चिंहित किया गया है। इसके साथ ही 52 बॉटल नैक प्वाईंट, 109 लैंडस्लाईड एरिया, 274 दुर्घटना सम्भावित स्थल और 61 ब्लैक स्पॉट का पूर्व चिन्हीकरण कर लिया गया है। जिन पर सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त पुलिस बल, चेतावनी बोर्ड और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे।

ट्रैफिक और मौसम संबंधी जानकारी ‘लाइव मोबाइल अलर्ट से

यातायात नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सतत निगरानी की जाएगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक और मौसम संबंधी अद्यतन जानकारी ‘लाइव मोबाइल अलर्ट’ के माध्यम से निरंतर उपलब्ध कराई जाएगी।

CCTV और हाई-टेक रेडियो कम्युनिकेशन प्लान

सीसीटीवी और हाई-टेक रेडियो कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है। धामों में कुल 92 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जबकि यात्रा मार्ग पर 1168 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की हवाई निगरानी हेतु 15 ड्रोन संचालित किए जाएंगे।

श्रद्धालुओं के लिए 48 हॉल्टिंग स्थल

श्रद्धालुओं के सुरक्षित विश्राम के लिए मार्ग में 48 हॉल्टिंग स्थल बनाए गए हैं। यात्रा के सुचारू संचालन के लिए नौ ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन सेन्टर बनाए गए हैं । साथ ही, यात्रियों की मदद के लिए सम्पूर्ण यात्रा मार्गों पर 57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित किए गए हैं।

80 स्थानों पर आपदा टीमें तेनात

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्गों में 80 स्थानों पर आपदा टीमें और 37 स्थानों पर एसडीआरएफ (SDRF) की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 30 स्थानों पर फायर सर्विस की टीमें और 32 स्थानों पर जल पुलिस/गोताखोरों की तैनाती की गई है। आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की 8 टीमें एवं 2 सब-टीमें देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में रणनीतिक रूप से तैनात रहेंगी।

यात्रा मार्गों में संचालित होटल, ढाबे, टेंट, घोड़ा-खच्चर संचालक, पालकी संचालक, टैक्सी चालक सहित यात्रा से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं और अस्थायी रूप से कार्यरत स्थानीय और बाहरी व्यक्तियों के अनिवार्य सत्यापन के निर्देश दिए गए।

भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर सख्त कार्यवाही

सोशल मीडिया और मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से यात्रियों को समय-समय पर सही सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं। चारधाम यात्रा के दौरान भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। यात्रा से जुड़ी गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध त्वरित विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध में संबंधित जनपद प्रभारी की जवाबदेही तय की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध हो।

साइबर ठगी की संभावनाओं को देखते हुए ऑनलाइन पंजीकरण और हेली सेवा बुकिंग से संबंधित फर्जी वेबसाइट्स और धोखाधड़ी पर सतत निगरानी रखने और जन जागरुकता बढ़ाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ को निर्देशित किया गया।

पंजीकरण स्थलों पर प्रभावी चेकिंग

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के संचालन से राज्य में आने वाले वाहनों की संख्या में संभावित भारी वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रबंधन के लिए एक प्रभावी और सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

विगत वर्ष की चुनौतियों को देखते हुए भीड़ नियंत्रण और पंजीकरण की गहन निगरानी पर जोर दिया गया। पंजीकरण स्थलों पर ही प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा व्यवस्था ड्यूटी के लिए उपलब्ध कराए गए पुलिस बल और अन्य सहायक टीमों के रहने, खाने और अन्य सुविधाओं की नियमित रूप से देख-रेख के लिए जनपद प्रभारी एक वेल्फेयर ऑफिसर नियुक्त करें।

चारधाम मंदिर परिसरों में कैमरा का प्रयोग पर सख्ती

चारधाम मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन व कैमरा के प्रयोग पर मानक SOP का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही ब्लॉगर और यूट्यूबरों की गतिविधियों पर भी सतर्क दृष्टि रखी जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिगत, धामों पर निजी ड्रोनों के संचालन के संबंध में जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

यात्रा के दौरान भूस्खलन, यातायात अवरोध आदि अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम के साथ त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी समस्या का तत्काल निवारण किया जा सके।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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