चकराता हादसा : जाको राखे साइयां मार सके न कोय, 6 साल के बच्चे ने किया बड़ा काम

चकराता : जाके राखो कृष्णा मार सके ना कोए, ये कहावत 6 साल के बच्चे पर सटीक बैठती है। बता दें कि बीती दिनों चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था जिसमे साहसी रितिक जिसकी उम्र 6 साल है, ने बड़ा काम किया।
आपको बता दें कि बीते दिनों जौनसार बावर चकराता में हृदय विदारक घटना घटित हुई थी जिससे देशभर में शोक की लहर दौड़ गई थी। राष्ट्रपति से लेकर पीएम मोदी ने घटना पर दुख जताया था और शोक व्यक्त किया था। पीएम मोदी ने सहायत राशि देने का ऐलान किया था। इस घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें दो घायल थे जिसमें कि यह एक बच्चा रितिक है जिसने सभी को इसकी सूचना दी। आवाज देकर लोगों को बुलाया।
रितिक ने कहा कि जब गाड़ी नीचे गई तो हमें कुछ पता नहीं चला रितिक आगे जो ड्राइवर और बगल की सीट होती इसके बीच में जो जगह होती वहां बैठा था। रितिक भी सभी के साथ खाई में नीचे जा गिरा मगर भगवान का शुक्र था कि रितिक बच गया। रितिक बताता है कि मैंने बहुत ज्यादा जोर जोर से आवाज दी मगर किसी ने नहीं सुनी बहुत देर बाद लोगों को मेरी आवाज सुनाई दी। सब लोग नीचे आए और मैं उन पर लिपट गया क्योंकि जब गाड़ी गिरी उसके बाद सभी लोग सो रहे थे। मैं जिसको भी उठा रहा था कोई भी उठ नहीं रहा था। रितिक डरा नहीं और आज रितिक आपके सामने हैं बिल्कुल ठीक है रितिक का सीटी स्कैन एक्स-रे अल्ट्रासाउंड सभी ठीक है.
डॉक्टर नरेंद्र चौहान का कहना है कि रितिक खतरे से बिल्कुल बाहर है और खूब बातें कर रहा है. शायद यदि ऋतिक ना होता तो इसकी सूचना बहुत देर में पता चलती। मगर ऋतिक एक ऐसा बच्चा निकला कि उसके कारण सभी को सूचित हो पाया। रितिक से मिलने वालों का तांता लगा हुआ है और उसकी मदद की जा रही है। साथ ही रितिक के परिवार को हर संभव मदद करने के लिए कई लोगों ने आश्वासन दिया।
सौजन्य से- उत्तराखंड जौनसार बावर चकराता

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