जल उठी दिल्ली : भीड़ ने किया अधमरा, खून से लथपथ बोला- मुझे छोड़ दो, मैं दिहाड़ी मजदूर हूं

सीएए को लेकर शुरु हुआ बवाल उत्तर पूर्वी दिल्ली में मंजर अभी तक खतरनाक है. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार को जमकर हिंसा हुई. मंगलवार को भी मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई. दिल्ली हिंसा में अबतक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं. साथ ही 100 से ज्यादा घायल हैं. मंगलवार सुबह भी हालात तनावपूर्ण है. सुबह-सुबह पांच मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया. मौके पर बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात है.

भीड़ ने किया अधमरा

वहीं इस बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो दिल को सहमा देने वाली है। जी हां हिंसा के बीच फंसा मोहम्मद लईक भीड़ के हाथों पिटने से अधमरा हो गया जिसे पुलिसकर्मी उसे उठाकर फुठपाथ पर लए। खून से लथपथ लईक पुलिसवालों के सामने गिड़गिड़ा रहा कि मुझे अपने लोगों के बीच ले जाकर छोड़ दो। पुलिसवालों ने उसे सड़क के किनारे फुटपाथ पर बिठा दिया। इस दौरान लईक ने कहा कि मैं दिहाड़ी मजदूर हूं। मुझे पता नहीं कि भीड़ ने मुझे क्यों पीटा। जानकारी के मुताबिक, घायल मोहम्मद लईक (32) परिवार के साथ घोंडा इलाके में रहता है। उसने बताया कि वह कढ़ाई का काम करता है। सोमवार शाम 4 बजे वह घर जा रहा था। उपद्रव कर रहे लोगों ने उसे रोका और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पिटाई से उसका सिर फट गया। साथ ही एक हाथ टूट गया। लईक ने बताया कि पुलिस ने उसे किसी तरह बाहर निकाला। पुलिस के घेरे के बीच वह काफी देर बैठा रहा।

बता दें कि दिल्ली आग से जल उठी है। पुलिस पर जमकर पथराव किया गया जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल समेत 7 लोगों की मौत की खबर है। वहीं दिल्ली में माहौल अभी भी गर्म है। हिंसा की जगह आंसू गैस के गोले छोड़े गए जिसके बाद उपद्रवियों ने घरों में तोड़फोड़ की औऱ आग के हवाले कर दिया। हिंसक लोगों ने घरों में घुस कर लोगों की पिटाई की औऱ करीब 6 घंटे तक घरों पर पत्थर बरसते रहे और पुलिस कुछ नहीं कर पाई। यह देखकर जान बचाने के लिए लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।

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