उत्तराखंड की बहादुर महिलाएं, बेटी को तेंदुए के जबड़े से खींच लाई मां

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हल्द्वानी : उत्तराखंड में तेंदुए का आंतक छाया हुआ है। अब तक गुलदार-तेंदुआ कई मासूमों को अपना निवाल बना चुका है। वहीं एक बच्ची की बहादुरी का किस्सा सब सुन चुके हैं जिसने गुलदार के मुंह से अपने भाई को बचाया वहीं अब एक मां ने अपनी बेटी को तेंदुए के मुहं से खींच लाई। ताजा मामला हल्द्वानी का है जहां ग्रामसभा गुजरौड़ा के गांव नवाड़ सैलानी निवासी सरस्वती अपनी बड़ी बेटी पिंकी (15 साल ) और छोटी बेटी सुनीता के साथ पास के जंगल में घास काटने गई थी। महिला पेड़ पर चढ़ गए जबकि बेटियां नीचे रहीं। वहीं घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक किशोरी पर हमला बोल लिया था और जबड़े में दबोच लिया।

लेकिन मां कैसे अपनी बच्ची को ऐसे जाने देती। पेड़ पर चढ़कर घास काट रही मां ने साहस दिखाते हुए पेड़ से कूद लगाई और मां-बेटी ने जोर-जोर से शोर मचाया। साथ ही तेंदुए पर पत्थर बरसाए। किशोरी को किसी तरह तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया।यही नही फिर इसके बाद घायल किशोर को पीठ में लादकर सड़क तक लाए। वहीं खबर है कि इसके बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची औऱ अपने वाहन से किशोरी को बेस अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।

जानकारी मिली है कि सरस्वती का पति लुधियाना में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। उनकी बेंटी पिंकी राजकीय इंटर कॉलेज लामाचौड़ की छात्रा है। गांव वालों ने वन विभाग का विरोध किया और वन विभाग से आतंक का पर्याय बने तेंदुए को पकड़ने की मांग की।

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