बड़ा खुलासा : सर्दी-जुखाम, बुखार नहीं ये दो हैं कोरोना के सबसे प्रमुख लक्षण

कोरोना का कहर अभी भी देश में जारी है। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 64,73,544 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 79,476 नए मामले सामने आए हैं. बीते 24 घंटों में 75,628 मरीज ठीक हुए हैं. इस दौरान देश में 1069 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है. अब तक कुल 54,27,706 मरीज ठीक हो चुके हैं. 1,00,842 लोगों की जान गई है. 9,44,996 एक्टिव केस हैं. दुनिया भर में अभी तक 3.45 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

डॉक्टरों द्वारा और लोगों द्वारा अक्सर बुखार खांसी जुखाम और गले में खराश होने पर कोरोना जांच की सलाह दी जा रही है. लोगों को भी सर्दी, जुखाम, खांसी, बुखार होने पर कोरोना संक्रमित होने की आशंक हो रही है लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है कि ये सभी लक्षण होने पर कोरोना हो। हां लेकिन अगर ये दो लक्षण आपको महसूस हो रहे हैं तो हो सकता है आप कोरोना संक्रमित हो। ये दो लक्षण कोरोना के प्रमुख है।

शोध में हुआ खुलासा

एक शोध अध्ययन में दावा किया गया है कि  कोरोना संक्रमण में गंध और स्वाद लेने की क्षमता का कम होना सबसे विश्वसनीय लक्षण माना जा रहा है। ब्रिटेन में वैज्ञानिकों के शोध से यह जानकारी सामने आई है कि दुनियाभर के अलग-अलग देशों के कोरोना संक्रमितों में ये दो लक्षण प्रमुख तौर से देखे गए हैं। दावा है कि लक्षणों को लेकर पहली बार किसी देश में इस तरह का अध्ययन हुआ है। लंदन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से मिले आंकड़ों का अध्ययन करने पर शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना संक्रमित 78 फीसदी मरीजों में सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता काफी हद तक या पूरी तरह खत्म हो गई थी। इनमें से 40 फीसदी मरीजों को न तो बुखार था और न ही  खांसी-जुकाम वाले लक्षण थे।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर रचेल बैटरहम के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे ब्रिटेन में हमें इस अध्ययन के निष्कर्ष से इलाज में काफी मदद मिलने की संभावना है। डॉ. बैटरहम के मुताबिक, अबतक दुनिया के कुछ ही देशों ने इन लक्षणों को प्रमुखता दी है। उनका कहना है कि इन दोनों शुरुआती लक्षणों के आधार पर पहचान होने से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन से कोविड के इलाज में मदद मिलने की संभावना है। इन दो लक्षणों का पता चलते ही लोग खुद ही एकांतवास में जाने लगेंगे और अपनी कोरोना जांच करा लेंगे। घर में ही वे अलग कमरे में खुद को क्वारंटीन कर लेंगे तो परिवार के बाकी सदस्य इस संक्रमण से बचे रह सकते हैं। इससे संक्रमण फैलने से रोकने में मदद मिलेगी।

शोधकर्ताओं ने कहा कि स्वाद और गंध महसूस न होना ही संक्रमण की संभावना का संकेत होगा और लोग इसी आधार पर अपनी कोरोना जांच करा सकेंगें। लोग खांसी-जुकाम होने, बुखार आने या फिर स्थिति बिगड़ने का इंतजार नहीं करेंगे। गंध और स्वाद संबंधी लक्षणों को प्रमुखता देने से कोरोना संक्रमण को दुनियाभर में नियंत्रित किया जा सकेगा।

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