उत्तराखंड से बड़ी खबर : ना गांव में ना शहर में, मझधार में फंसे ये 5 सौ परिवार

 

हल्द्वानी: नगर निगम से सटे इलाके जीतपुर नेगी के 500 से अधिक परिवार आज भी अपने संवैधानिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। इन गांवों के ग्रामीणों को न तो नगर निगम ने सीमांकन के दौरान निकाय में जोड़ा और ना ही इनको गांव की ग्राम पंचायत का दर्जा मिला। अब तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान करने वाले ग्रामीण अपने संवैधानिक अधिकार और अपने क्षेत्र के विकास के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

हल्द्वानी के एसडीएम कोर्ट में प्रदर्शन करते हुए जीतपुर नेगी के इन ग्रामीणों ने उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार देने की मांग की है। साथ ही एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। ग्रामीणों ने कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र से लेकर सरकारी योजनाओं के अन्य अधिकार उन्हें नहीं मिल रहे हैं। लिहाजा अब वो लोग आंदोलन करने को मजबूर हैं।

जीतपुर नेगी को ना तो ग्रामसभा में शामिल किया गया है और ना ही नगर निगम में रखा गया है। इसके चलते लोग त्रिस्तरीय पंचायत और नगर निकाय चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग भी नहीं कर पाते हैं। ग्रामीण लंग समय से उनको ग्राम पंचायत या नगर निगम में शामिल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर आज तक अमल नहीं किया गया।

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