उत्तराखंड से बड़ी खबर : परीक्षा देनी है तो कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आना, SOP जारी

देहरादून: कोरोना काल में अनलाॅक के बाद काॅलेज भले ही बंद हों, लेकिन परीक्षाओं का दौर अब शुरू होने वाला है। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में 14 सितंबर से परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी। परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके लिए बाकायदा एसओपी भी जारी की गई है। इसमें सबसे पहली और बड़ी शर्त यह है कि अगर आप बाहरी राज्यों से आ रहे हैं, तो परीक्षा में शामिल होने के लिए आपको सबसे पहले कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, तभी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा में तैनात रहने वाले शिक्षकों को भी मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा। परीक्षा के लिए गढ़वाल मंडल में 180 केंद्र बनाए गए हैं।

यह है SOP

-किसी भी परीक्षा केंद्र में किसी भी सूरत में बिना मास्क प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

-अगर कोई छात्र किसी कंटेनमेंट जोन से आ रहा है तो उसका एडमिट कार्ड या कॉलेज का आईकार्ड उसका पास होगा। इस आधार पर वह परीक्षा केंद्र तक जा सकता है।

-अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों को कोविड-19 रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी।

-सभी परीक्षा कक्ष, एंट्री गेट से लेकर वॉशरूम तक पूरा सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी।

-सभी दरवाजों के हैंडल, रेलिंग, लिफ्ट बटन को भी सैनिटाइज करना होगा।-हर पाली की परीक्षा के बाद छात्रों की टेबल और कुर्सी को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा।

-हर परीक्षा केंद्र पर ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि हर आने वाला छात्र साबुन से हाथ धो सके।

-परीक्षा कार्य में लगे पूरे स्टाफ को अपने स्वास्थ्य को लेकर सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा।

-पूरे स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य तौर पर करनी होगी।-हर परीक्षा केंद्र पर सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग आदि से जुड़ी पूरी जानकारी के प्रतीक चिन्ह वाले पोस्टर आदि लगाने होंगे।

-परीक्षा कक्ष में एंट्री के पहले हर छात्र व शिक्षक व अन्य स्टाफ को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा।

-किसी भी परीक्षा केंद्र पर छात्रों की भीड़ इकट्ठा नहीं होने दी जाएगी। अगर हो सके तो अलग-अलग गेट से प्रवेश और निकासी होगी।

-अगर किसी छात्र को बुखार जैसी कोई भी शिकायत लगती है तो उसके लिए अलग से बनाए गए कक्ष में परीक्षा की व्यवस्था करनी होगी।

-परीक्षा केंद्र के भीतर काम करने वाले हर स्टाफ के आधार कार्ड से लेकर पूरी वेरिफिकेशन डिटेल उपलब्ध होनी अनिवार्य है।

-प्रत्येक कॉलेज या इंस्टीट्यूट को एक हेल्पलाइन या वाट्स एप नंबर जारी करना होगा ताकि छात्र किसी भी तरह की जानकारी इस नंबर से प्राप्त कर सकें।

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