उत्तराखंड से बड़ी खबर: क्या BJP नहीं चाहती माफ हो फीस! पार्टी नेता को थमाया नोटिस, ये है कारण

देेहरादून: कोरोना के कारण देश में लाॅकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है। इस दौरान स्कूल भी बंद हैं। बावजूद स्कूल बंदी के दौर में भी अभिभावकों से फीस की डिमांड कर रहे हैं। उत्तराखंड सरकार आदेश भी जारी कर चुकी है। इसके बाद भी स्कूलों की मनमानी कम नहीं हो रही है। हालांकि उन स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने की अनुमति है, जो आॅनलाइन पढ़ा रहे हैं। फीस माफ करने की आवाज उठाने वाले पार्टी नेता कुंवर जपेंद्र सिंह को भाजपा ने कारण बताओ नोटिस थमाया है। लेकिन, उत्तराखंड भाजपा नहीं चाहती है कि स्कूल फीस माफ हो। जिस तरह से भाजपा संगठन ने अपने नेता को नोटिस भेजा है। उससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या भाजपा नहीं चाहती है कि फीस माफ हो ?

कारण बताओ नोटिस

उत्तराखंड भाजपा संगठन ने पार्टी नेता कुंवर जपेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर पार्टी विरोधी काम करने का आरोप है। अब सवाल यह है कि जब उन्होंने पार्टी के खिलाफ कोई काम ही नहीं किया। ना कोई बयान दिया और ना ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ लिखा, फिर पार्टी के खिलाफ कैसे काम कर लिया होगा ? यह सवाल आम लोग तो उठा ही रहे हैं। पार्टी के भीतर भी इसको लेकर कार्यकर्ता सवाल कर रहे हैं।

मामला प्राइवेट स्कूलों से जुड़ा है

भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों की मानें तो मामला प्राइवेट स्कूलों से जुड़ा हुआ है। कुंवर जपेंद्र सिंह ने मांग की थी कि बच्चों की तीन माह की फीस सभी स्कूलों को माफ कर देनी चाहिए। इस मामलें में उन्होंने बाकायदा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी बात की थी। उनकी मानें तो उन्होंने संगठन को भी इसके बारे में पहले ही सबकुछ बता दिया था। अब सवाल ये है कि क्या भाजपा नहीं चाहती कि प्रदेशभर के लाखों अभिभावकों को तीन माह की मोटी फीस से राहत मिले ?

नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका

भाजपा नेता कुंवर जपेंद्र सिंह ने नैनीताल हाईकोर्ट में भी तीन माह की फीस माफ किए जाने को लेकर जनहित याचिका भी दायर की है, जिस पर कोर्ट ने पहले दिन हुई सुनवाई में प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से फीस माफ करने को लेकर जवाब मांगा है, तो इधर, भाजपा ने भी कुवंर जपेंद्र सिंह से जवाब मांगा लिया। अब देखना ये होगा कि कुंवर जपेंद्र सिंह क्या जवाब देते हैं ? बहरहाल उनका जवाब जो भी हो, भाजपा की नीयत पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं।

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