
टिहरी : टिहरी में हुए स्कूल वैन हादसे से पूरा उत्तराखंड स्तब्ध है. अपने मासूम बच्चों के शव देख माओं की और परिजनों की चीख पुकार मच गई. घटनास्थल पर हर तरफ खून, लंच बॉक्स, बैग, जूते देख हर किसी की आंखें नम हो गई. इस हादसे में 9 बच्चों की मौत हो गई जबकि 10 बच्चों का इलाज चल रहा है. वहीं मुख्यमंत्री ने बयान देकर दुख जताया और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय घायल मासूमों को देखने ऋषिकेश एम्स पहुंचे.
ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंचे 108 एंबुलेंस और प्रशासन
बता दें कि जो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ है उसे 20 साल का लड़का चला रहा था जिसे गाड़ी चलाना का बहुत ज़्यादा अनुभव नहीं था. वहीं जानकारी मिली है कि 108 एंबुलेंस और प्रशासन को मौके पर पहुंचने में ढाई घंटे लगे. साथ ही जानकारी मिली कि स्कूल प्रबंधन मौके पर पहुचंना तो दूर स्कूल बंद कर गायब हो गया.
वहीं गांववालों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने 3 दिन पहले ही स्कूल पर दबाव डालकर इस मैक्स को स्कूल वैन के रूप में लगवाया था क्योंकि मैक्स चालक उसका परिचित है. सवाल बस यही है कि आखिर इन मासूमों की क्या गलती थी. आखिर इन मासूमों ने क्या बिगाड़ा था जो उनकी इतनी दर्दनाक मौत मिली.