
पंतनगर: कोरोना योद्धाओं के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं, लेकिन धरातल पर कुछ और ही स्थिति है। पिछले दो माह से कोरोना ड्यूटी कर रहा पंतनगर विश्वविद्यालय का एक कर्मचारी गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए समय नहीं दे सका। वो छुट्टी मांगता रहा। 15 दिन पहले अप्लीकेशन भी दी, लेकिन उसको छुट्टी नहीं मिली। पत्नी की देखभाल का हवाला देने के बाद भी छुट्टी नहीं मिल पाई। नतीजा सामने है। पत्नी के गर्भ में ही जुड़वां बच्चों की मौत हो गई।
आरोप है कि उसने 15 दिन पहले छुट्टी के लिए आवेदन किया था, लेकिन छुट्टी नहीं मिली। साथी कर्मचारियों ने पंतनगर विश्वविद्यालय प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन ने जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रावासों को अधिग्रहीत कर क्वारंटीन सेंटर बनाया है। विवि के कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। लगभग दो महीने पहले सीबीएसएच कॉलेज में प्रधान सहायक अनुराग शर्मा की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
अनुराग की पत्नी गर्भवती थी। इस बीच, डॉक्टरों ने गर्भ में जुड़वा बच्चे होने और 10 जुलाई तक प्रसव होने की बात बताई। अनुराग की मानें तो उसने पंद्रह दिन पहले अवकाश के लिए आवेदन किया, जिसे विवि प्रशासन ने स्वीकार नहीं किया। मंगलवार देर शाम रुद्रपुर के निजी अस्पताल में दोनों शिशुओं की गर्भ में ही मौत हो गई। गर्भस्थ शिशुओं की मौत की जानकारी मिलने पर अनुराग के सहकर्मियों ने विवि प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कुलपति निवास घेर लिया।