
श्रीनगर: पोड़ी जिले के श्रीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज पास आउट बाॅन्डधारी एमबीबीएस डॉक्टर सरकार के साल किए गए बाॅन्ड पर काम करने को तैयार नहीं हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के अलग-अलग विभागों में तैनात 13 डॉक्टर लंबे समय से गायब चल रहे हैं। वो काॅलेज से छुट्टी पर तो गए, लेकिन वापस नहीं लौटे।
मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने इन डाॅक्टरों से संपर्क किया, लेकिन कई बार कहने के बाद भी ये डाॅक्टर वापस काॅलेज नहीं लौटे। मजबूरन काॅलेज ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए डाॅक्टरों को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय के लिए रिलीव कर दिया है। सरकार श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से रियायती शुल्क पर एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं से शासन बांड भरवाता है।
इसके तहत उनको पीएमएचएस के अधीन पांच साल दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनी होती हैं। शासनादेशों के अनुसार एमबीबीएस और एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करने के बाद बाद बांडधारी डाॅक्टरों को एक साल जूनियर रेजीडेंट के रुप में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देना अनिवार्य है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि कोर्स पूरा होने के बाद डाॅक्टर मेडिकल काॅलेज से जाने के बाद फिर वापस नहीं लौटते हैं।