युवाओं की रगों में नशा घोलने की बड़ी साजिश नाकाम, 17 हजार पांच सौ पुड़िया का माल बरामद

हल्द्वानी: उत्तराखंड में स्मैक का नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है। लगातार स्मैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं। स्मैक के अब तक जितने भी मामले सामने आये हैं। सभी मामलों में उत्तर प्रदेश से सप्लाई की बात सामने आई है। हल्द्वानी पुलिस ने पहाड़ के युवओं को बर्बाद करने की एक और साजिश को नाकाम किया है।

17 हजार छह सौ पांच पुड़िया बनती

एसओजी और बनभूलपुरा पुलिस ने 453.5 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि प्रदेश में स्मैक की यह अब तक कि सबसे बड़ी बरामदगी है। बताया जा रहा है कि 453.5 ग्राम स्मैक से करीब 17 हजार छह सौ पांच पुड़िया बनती हैं। इस लिहाज से इतने हाथों में स्मैक जाने से बच गई।

453.5 ग्राम स्मैक

एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बताया कि एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और सीओ दिनेश चंद्र ढौंडियाल के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी की टीम बनभूलपुरा पुलिस के साथ गौला पुल के पास रविवार की रात चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने गाड़ी से उतरते समय एक व्यक्ति को बैग के साथ देखा। उसे रोककर बैग की तलाशी ली गई तो उसमें 453.5 ग्राम स्मैक, दो मोबाइल, पैन कार्ड और 340 रुपये बरामद हुए।

2015 से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्मैक बेच रहा है

पकड़ा गया सोहेल ने खुद को खटीमा का बताया। सोहेल वेल्डिंग का काम करता है। इस्लामनगर निवासी फरियाद और राशिद स्मैक के धंधे में उसके पार्टनर हैं। तीनों 2015 से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्मैक बेच रहे हैं। सोहेल का कहना था कि दो साल से उत्तराखंड में स्मैक की खपत ज्यादा होने के कारण वे हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल में स्कूली बच्चों, कोचिंग सेंटरों और टेंपो चालकों को स्मैक बेच रहे हैं। सोहेल 2016 में उसे उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की पुलिस ने 950 ग्राम स्मैक के सथ गिरफ्तार किया था।

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