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सावधान: फौजी बनकर बुन रहे लूट का जाल, खतरनाक हैं ये साइबर ठग

breaking uttrakhand newsकोटद्वार : कोटद्वार से जीजा साला सस्ती कार लेने के चक्कर में हल्द्वानी पहुंच गए। उनको किसी ने ओलएक्स पर खुद को फौजी बताया और सस्ते में कार व दूसरा सामान बेचने का लालच दिया। ठग ने उसे आर्मी कैंट हल्द्वानी में तैनात फौजी बताकर वहां बुला लिया। युवक अपने दोस्त और जीजा के साथ वहां पहुंचा भी, लेकिन जब उसने कैंट के गेट पर गेट पास के लिए पूछताछ की और गेट पास की प्रोसेस पूछी तो उसे सारा माजरा समझ में आ गया। उसने चालाकी दिखाई और खुद को फौजी बताने वाले ने जो रकम मांगी थी, वो उसके खाते में नहीं डाली।

कोटद्वार निवासी छात्र लगन कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने ओएलएक्स पर एक मारुति ऑल्टो कार बिक्री के लिए देखी। ऑनलाइन वेबसाइट पर दिए नंबर पर फोन करने पर कार बेचने वाले ने खुद को हल्द्वानी आर्मी कैंट में तैनात फौजी संजय चैधरी बताया। उसने 2018 मॉडल ऑल्टो कार मात्र 1.25 लाख रुपये में बेचने का लालच दिया। टॉप मॉडल कार सस्ते में बेचने का कारण पूछने पर उसने हल्द्वानी से ट्रांसफर काफी दूर होने का जाल फेंका। लगन ने अपने दोस्त को से बात बताई, तो उसने शक जताया।

कथित फौजी से कार दिखाने के लिए कहा और वह फोटो दिखाकर एडवांस रकम डालने के लिए कहने लगा। ठग की बातों में आकर लगन अपने दोस्त व जीजा को लेकर कार बुक कर सोमवार को हल्द्वानी पहुंच गया। पहुंचने पर उसने फोन किया तो कार आर्मी कैंट में होने व बाहर लाने के लिए गेट पास के पांच हजार रुपये का झांसा देना शुरू कर दिया गया। ठग ने लगन से पांच हजार रुपये खाते में डालने के लिए कहा।

लेकिन, लगन ने आर्मी कैंट के गेट पर पहुंचकर गेट पास की प्रक्रिया पूछी तो जवानों ने किसी तरह का शुल्क नहीं लेने की जानकारी दी। लगन ने कैंट गेट पर तैनात जवानों से बात कराई तो ठग उन्हें भी गुमराह का प्रयास करने लगा। लगन अब बात को पूरी तरह समझ चुका था। वो अपने जीजा और दोस्त के साथ कोतवाली पहुंचा और मामले की शिकायत की। इसी तरह पहले भी खुद को फौजी बताकर लोगों से ठगी के मामले सामने आ चुके हैं।

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