सावधान उत्तराखंड : ये गुड़ नहीं जहर है, ऐसे किया जा रहा तैयार

रूड़की के झबरेड़ा व आसपास के देहात क्षेत्रों में इस समय ज़हर बनाने वालों का कारोबार पूरे चरम पर है। जी हाँ आप चौकिए मत यह सोलह आने सच है। भले ही इस बार कोल्हू 15 दिन पहले शुरू हो गए हों लेकिन झबरेड़ा क्षेत्र में लगे कोल्हू संचालक लोगों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ कर रहे हैं जिसकी वजह साफ है कि अभी किसानों के खेतों में गन्ना पूरी तरह से पका नहीं है जिसमे अभी गन्ना पूरी तरह से तैयार होने में डेढ़ से दो महीने का समय लगेगा लेकिन झबरेड़ा कस्बे के दो दर्जन से अधिक कोल्हू संचालक ज़हर के सौदागर बन गए हैं जो सड़े हुए गुड़ और चीनी और थोड़ी मात्रा में कच्चे गन्ने को मिक्स करके गुड़ तैयार कर रहे हैं। यह गुड़ आम इंसान के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है।

उन्ही चर्खियों में खतरनाक पॉल्यूशन पैदा करने वाली रबड़ को जलाया जाता

आपको बता दें कि गुड़ वैसे तो गन्ने से बनता है लेकिन कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कोल्हू संचालक मीठा जहर तैयार कर मंडी तक पहुंचा रहे हैं और तो और इस गुड़ को खूबसूरत बनाने के लिए जो केमिकल डाला जा रहा है वह भी बहुत ही घातक होता है। अकेले झबरेड़ा में ऐसी ही कई दर्जनो चर्खियों में इस खतरनाक गुड़ को तैयार किया जाता है। उन्ही चर्खियों में खतरनाक पॉल्यूशन पैदा करने वाली रबड़ को भी जलाया जाता है। ऐसा नही है की अधिकारियों की नज़र से यह सब छुपा नही रहता बल्कि समय समय पर अधिकारी छापेमार कार्यवाही करते भी रहते है। हाल ही में मंगलौर गुड़ मंडी से जॉइन्ट मजिस्ट्रेट ने 280 लीटर एसिड भी बरामद कर दुकान को सील किया था।

वहीं जॉइन्ट मजिस्ट्रेट ने मंगलौर क्षेत्र से ही भारी मात्रा में रबड़ के गोदामों पर भी छापा मारकर कार्यवाही की थी लेकिन बावजूद उसके झबरेड़ा के लोग इस ज़हर को गुड़ के नाम पर लोगों को खिला रहे है जिसपर कार्रवाई होनी बहुत ही आवश्यक है। वहीं इस पूरे मामले में जॉइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल का कहना है कि सम्बंधित विभाग से बातचीत की जाएगी। यदि क्षेत्र में ऐसा कहीं भी पाया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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