धरासू-यमुनोत्री हाईवे पर बर्फबारी में घंटों फंसे रहे बाराती, नहीं ली प्रशासन ने सुध, SDRF ने किया रेस्क्यू

उत्तरकाशी : उत्तराखंड में बीते दिन पर्वतीय जिलों में जमकर बर्फबारी हुई। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चमोली में पहाड़ियों ने बर्फ की चाद ओढी। वहीं मसूरी और धनोल्टी में भी बर्फबारी हुई जिससे लोगों और व्यापारियों के चेहरे खिले। जहां एक ओर लोगों ने बर्फबारी का लुत्फ उठाया तो वहीं यही बर्फ कइयों के लिए आफत बनकर बरसी। जी हां बता दें कि धरासू-यमुनोत्री हाईवे राड़ी टॉप के पास अवरुद्ध हो गया। बर्फबारी के कारण बड़कोट के ओजरी गांव से वापस लौट रही बारात की 5 गाड़ियां डंडाल गांव के पास बर्फबारी में फंस गई। बाराती 3 घंटे वहीं फंसे रहे।

बारातियों समेत लोगों का आऱोप है कि 3 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी उनकी सुध लेने मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं देर रात एसडीआरएफ की टीम बड़कोट से डंडाल गांव पहुंची और बारातियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. जानकारी मिली है कि गुरुवार को उत्तरकाशी के केलशु घाटी के ढासड़ा गांव से सुबह बारात बड़कोट के ओजरी गांव गई थी. शाम को लौटते वक्त बारात धरासू-यमुनोत्री हाईवे पर डंडाल गांव के पास फंस गए। 3 घंटे तक कोई भी प्रशासन का अधिकारी-कर्मचारी सुध लेने नहीं पहुंचा। बारात के पांच वाहन बर्फबारी के कारण फंस गए थे। वहीं इसके बाद बारातियों ने जिला आपदा कंट्रोल रूम सहित 100 नंबर पर फोन किया और पूरी बात बताई लेकिन 3 घंटे तक कोई मदद नहीं मिली। देर रात एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और रेस्कूय कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

बारातियों का आरोप है कि फोन करने पर प्रशासन की ओर से उन्हें वापस बड़कोट चले जाने की बात कही गई. जबकि बर्फबारी के बीच कहीं जाना खतरे से खाली नहीं था। वहीं इसके बाद आपदा कंट्रोल रुम को फोन करने पर उन्होंने कहा कि बड़कोट पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। बारातियों का कहना है कि करीब 4 से 5 घंटे फंसे रहने के बाद एसडीआरएफ पहुंची और उन्हे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

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