
Badrinath Dham Rawal Objection: बीकेटीसी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। बदरीनाथ में विशेष पूजा को लेकर रावल के ऐतराज से हड़कंप मचा हुआ है। जिसके बाद मंदिर समिति की ओर से एक नया आदेश जारी किया गया है। अब सीईओ की अनुमति के बाद ही पूजा में वीआईपी श्रद्धालु बैठ पाएंगे। चलिए पूरा मामला जान लेते है।
बदरीनाथ धाम में रावल के ऐतराज से मचा हड़कंप! Badrinath Dham Rawal Objection
दरअसल बदरीनाथ में विशेष पूजा को लेकर रावल के ऐतराज से हड़कंप मचा हुआ है। जिसके बाद मंदिर समिति की ओर से एक नया आदेश जारी किया गया है। अब सीईओ की अनुमति के बाद ही पूजा में वीआईपी श्रद्धालु बैठ पाएंगे। दरअसल बदरीनाथ के रावल अमरनाथ नंबूदरी ने महाभिषेक और बाकी पूजाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर गंभीर आपत्ति जताई है। रावल के ऐतराज के बाद अब मंदिर समिति के अध्यक्ष समेत किसी भी माध्यम से आने वाले मेहमानों को सीईओ के संज्ञान में लाने के बाद ही पूजा में बैठाया जाएगा।
बदली पूजा की व्यवस्था
बता दें कि बदरीनाथ धाम में महाभिषेक और अभिषेक पूजाओं के लिए 4700और 4500 रुपए का शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा आरतियों के लिए भी अलग शुल्क तय है। यह पूजा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से बुक होती हैं। सूत्रों के मुताबिक वीआईपी के नाम पर बड़ी संख्या में लोग बिना शुल्क दिए महाभिषेक व अभिषेक पूजाओं में बैठा दिए जाते हैं।
अब सीईओ की अनुमति के बाद ही पूजा में श्रद्धालु बैठ पाएंगे
बिना शुल्क वाले आगे बैठ जाते हैं और जो लोग शुल्क देकर पूजा बुक करवाते हैं उन्हें पीछे बैठना पड़ता है। बताया जा रहा है कि इस पर रावल अमरनाथ नंबूदरी ने कड़ी आपत्ति जताई है और सीईओ विजय थपलियाल से इस संबंध में बात की।
रावल की नाराजगी के बाद सीईओ ने मंदिर अधिकारी समेत अन्य कार्मिकों को लिखित में एक आदेश जारी किया है। कहा गया है कि मंदिर समिति के अध्यक्ष समेत किसी भी माध्यम से आने वाले वीआईपी अतिथियों को सीईओ के संज्ञान में लाने के बाद ही पूजा में बिठाया जाए। रावल की नाराजगी के बाद धाम में दर्शनों व पूजा के नाम पर हो रहे खेल और अव्यवस्थाओं को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं।