उत्तराखंड की बदहाल व्यवस्था ने तोड़ा केतन का सपना, मां रोते हुए बोली-कहां है मेरा सोना

ऋषिकेश : सरकारी स्कूल की क्या दशा है इसका पता ऋषिकेश में हुए हादसे से पता चलता है। जी हां बीती शाम करीब सवा छह बजे पुष्कर मंदिर मार्ग से लगी विद्यालय की करीब 40 मीटर लंबी और 15 फीट ऊंची दीवार अचानक सड़क की ढह गई। जिसकी चपेत में तीन लोग आए। इस हादसे में स्कूल के ही एक छात्र की मौत हो गई। मृतक छात्र का नाम केतन (16) पुत्र हुकुम सिंह निवासी मायाकुंड ऋषिकेश, है जो की मलबे के नीचे पूरी तरह दब गया। वहीं स्नेह लता अग्रवाल (66) पत्नी सतपाल गुप्ता निवासी पुष्कर मंदिर मार्ग और कृपाल सिंह (56 वर्ष) पुत्र चेतराम निवासी शांति नगर ऋषिकेश घायल हो गए। तीनों को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने छात्र केतन को मृत घोषित कर दिया।

केतन की मां का रो-रोकर बुरा हाल

वहीं बेटे की मौत से मां सदमे में है। छात्र केतन की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मां रो-रोकर एक ही बात कह रही है हकि मेरा सोना ट्यूशन गया था, उसे 8 बजे घर आना था, अभी तक नहीं आया। उसे ढूंढ कर लाओ…मेरा सोना कहां चला गया…पुष्कर मंदिर मार्ग पर व्यवस्था की लापरवाही के चलते एक होनहार छात्र की जान चली गई। श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा के छात्र केतन पुत्र हुकुम सिंह की मौत हो गई। मृतक छात्र की मां बस एक ही बात बार बार दोहरा रही है कि उनका सोना कहां है।
10वीं में लाया था 85 प्रतिशत से भी ज्यादा अंक 

वहीं स्कूल के शिक्षकों से पता चला कि केतन होनहार छात्र था। केतन ने पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज से गत वर्ष 85 प्रतिशत से भी अधिक प्रतिशत अंक पाकर 10 वीं पास की। केतन को भौतिक विज्ञान और गणित में रुची थी। पीएसके इंटर कॉलेज में यह दोनों विषय नहीं थे जिसके चलते केतन को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा में पीसीएम के रूप में एडमिशन लेना पड़ा। केतन को भौतिक विज्ञान में आगे बढऩा था, इसलिए उसने अपने दोस्त विशाल के साथ फिजिक्स का ट्यूशन भी लगाया था।

हादसे के दिन दोस्त हो गया था लेट, नहीं गया ट्यूशन

जानकारी मिली है कि केतन औऱ उसका दोस्त विशाल हमेशा इसी रास्ते से ट्यूशन जाते थे लेकिन हादसे के दिन विशाल लेट हो गया और ट्यूशन नहीं जा पाया। जिस कारण केतन अकेले ही ट्यूशन गया तभी ये हादसा हो गया। केतन के दोस्त विशाल ने कहा कि रोज की तरह अगर वह भी विशाल के साथ होता तो ना जाने क्या होता।

कॉस्मेटिक की ठेली लगाते हैं पिता

बता दें कि केतन गरीब जरुर था लेकिन उसके हौसले बुलंद थे और होनहार था. वो कुछ बनना चाहता था लेकिन बदहाल व्यवस्था ने उसके औऱ उसके माता-पिता के सपनों को तोड़ दिया। उसके पिता हुकुम सिंह कॉस्मेटिक की ठेली लगाते हैं। पूरे परिवार को केतन पर नाज था क्योंकि वो होनहार था किसी भी चीज से हारा नहीं था और कुछ बड़ा करने की चाह थी. लेकिन वो चाह अब कभी नहीं पूरी हो पाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here