पहाड़ से फिर बुरी खबर, रेफर के चक्कर में गई 8 माह की गर्भवती महिला और बच्चे की जान

उत्तरकाशी : पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बेहाल है। पहाड़ के लोगों को हमेशा से संघर्ष करना पड़ा है। फिर चाहे वो नौकरी को लेकर हो या अच्छा इलाज पाने को लेकर हो। पहाड़ के लोग को खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को हमेशा से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण जान गवानी पड़ी है। ऐसे कई मामले चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, टिहरी से सामने आ चुके हैं जहां सड़क ना होने के कारण बीमार को डोली पर उठाकर और कई किलोमीटर पैदल चढ़ाई चढ़कर लोगों ने सड़क तक पहुंचाया और फिर अस्पताल ले जाया गया। इस बीच कइयों ने अपनी जान गंवाई।
इसी के साथ इलाज के अभाव और अस्पतालों में सारी सुविधाएं ना होने के कारण अब तक कई गर्भवती महिलाओं ने भी जिंदगी गवाई है। इससे ग्रामीणों में रोष है। ताजा मामला एक बार फिर से उत्तरकाशी से सामने आया है। बता दें कि बीते शुक्रवार को रेफर गर्भवती महिला ने देहरादून जाते हुए डुंडा के आस पास दम तोड़ दिया। महिला के गर्भ में आठ का बच्चा भी था जिसकी भी मौत गर्भ में हो गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय महिला सुमना देवी ग्राम स्याबा की रहने वाली थी, जो 9 सितंबर को अस्पताल में भर्ती हुई थी लेकिन बुखार के साथ महिला के दोनों फेफड़े सही से कार्य नहीं कर रहे थे।इसी के चलते जिला अस्पताल में फिजिशियन डॉक्टर सुबेग ने गंभीरता को देखते हुए गर्भवती महिला को देहरादून के लिए रेफर किया था। लेकिन महिला ने डुंडा के आसपास देहरादून जाते हुए रास्ते में दम तोड़ दिया। इस घटना से परिजनों का सुबह से ही जिला अस्पताल रो रो कर बुरा हाल है। पूरे गाव में मातम छाया हुआ है। लोगों ने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया है।

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