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बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं ने ली नवजात की जान, टैक्सी में लिया जन्म लेकिन एंबुलेंस में तोड़ दिया दम

उत्तराखंड में एक बार फिर बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई है। प्रदेश के अल्मोड़ा जिले में बदहाल व्यवस्था ने एक और मासूम की जान ले ली। पहले तो नवजात ने टैक्सी में ही जन्म लिया। इसके बाद एंबुलेंस में नवजात की सांसे थम गई।

अल्मोड़ा में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं ने ली नवजात की जान

अल्मोड़ा जिले में एक बार फिर बदहाल स्वास्थ्य सुविधा की पोल खुल गई है। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था ने एक और नवजात की जान ले ली। यहां एक गर्भवती को घर से अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन इसी बीच गर्भवती ने रास्ते में टैक्सी में ही बच्चे को जन्म दे दिया।

टैक्सी में लिया जन्म लेकिन एंबुलेंस में थम गई सांसे

टैक्सी में बच्चे का जन्म होने के बाद महिला और नवजात को किसी तरह अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में नवजात को प्रीमेच्योर बताकर बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिसके बाद परिजन नवजात को लेकर बेस अस्पताल पहुंचे।

लेकिन यहां भी एनआईसीयू वार्ड फुल होने की बात कही गई। जिसके बाद नवजात को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। 108 एंबुलेंस के माध्यम से परिजन जब तक नवजात को लेकर हल्द्वानी पहुंचते उस से पहले ही रास्ते में नवजात की मौत हो गई।

बदहाल व्यवस्थाओं ने छीन ली खुशियां

मिली जानकारी के मुताबिक नवजात को बेस अस्पताल से रेफर करने के बाद परिजन हल्द्वानी ले जा रहे थे। लेकिन भीमताल में ऑक्सीजन बंद थी। जब इसे बंद देखा गया तो इसे बदला गया। सिलिंडर को बदलने में ही आधा घंटा लग गया। भीमताल से आगे जाने पर नवजात की गतिविधि शून्य हो गई थी।

परिजनों का कहना है कि बदहाल व्यवस्था ने उनके नवजात की जान ले ली। परिजनों ने मांग की है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में जल्द से जल्द सुधार किया जाना चाहिए। ताकि भविष्य में फिर किसी नवजात की स्वास्थ्य सुविधओं के अभाव में जान न जाए।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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