इतने रुपये में मिलेगी बाबा रामदेव की कोरोना दवा, इन जड़ी-बूटियों के मिश्रण से बनी

हरिद्वार : दुनियाभर में कोरोना का कहर जारी है। वहीं कई देशों ने कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया लेकिन अब तक कोई पूरी तरह से कोरोना को खत्म करने वाली वैक्सीन तैयार नहीं हुई है।वहीं इस बीच बाबा रामदेव का संस्थान पतंजलि आज यानी मंगलवार को कोरोना पतंजलि आयुर्वेद की औषधि’दिव्य कोरोनील टैबलेट’ को लॉन्च किया है। बाबा रामदेव ने कोरोना मरीजों को 3 दिन में ठीक होने का दावा किया है।

आपको बता दें कि जानकारी दी है कि कोरोना मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल के परिणामों की घोषणा आज बाबा रामदेव ने कोरोना की दवा लॉन्च कर दी है। इस मौके पर बाल कृष्ण आचार्य सहित कई सीईओ मौजूद रहे।

कोरोना की दवा ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ लॉन्च की

बता दें कि मंगलवाल दोपहर 12 बजे पतंजलि योगपीठ फेज-टू में योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोरोना की दवा ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ लॉन्च की। पतंजलि योगपीठ की ओर से बताया गया है कि कोरोना टैबलेट पर हुआ यह शोध पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जयपुर के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। टैबलेट का निर्माण दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड हरिद्वार में किया जा रहा है। इस दौरान वैज्ञानिकों की टीम, शोधकर्ता और चिकित्सक भी मौजूद रहे।

69 फीसद मरीज केवल 3 दिन में पॉजीटिव से निगेटिव

बता दें कि  योग गुरु बाबा रामदेव आज कोरोना के इलाज के लिए ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ को लॉन्च कर दिया है। कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल के लॉन्चिंग के मौके पर बाबा रामदेव ने दावा किया कि इस दवा का जिन मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किया गया, उनमें 69 फीसद मरीज केवल 3 दिन में पॉजीटिव से निगेटिव और सात दिन के अंदर 100 फीसद रोगी कोरोना से मुक्त हो गए। दवा का प्रयोग 280 लोगों पर किया गया।

इंदौर और जयपुर में किया गया क्लिनिकल ट्रायल

पतंजलि के सीईओ बालकृष्ण ने बताया कि रेगुलेटर से अनुमोदन मिलने के बाद, इस दवा का क्लिनिकल ट्रायल इंदौर और जयपुर में किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को दवा के सेवन के साथ-साथ योग भी करना चाहिए, ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बरकरार रहे।

कुछ इस तरह काम करती है दवा
बालकृष्ण ने बताया कि, अश्वगंधा कोरोना वायरस के रिसेप्टर-बाइंडिंग डोमेन को शरीर में ऐंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम से नहीं मिलने देता है। इस तरह कोरोना वायरस मानव शरीर की कोशिकाओं में नहीं घुस पाता है। वहीं, गिलोय कोरोना संक्रमण को रोकने का काम करता है। तुलसी कोविड-19 के आएनए पर हमला कर उसे बढ़ने से रोकती है।

इन जड़ी-बूटियों का मिश्रण है यह दवा

बालकृष्ण ने दवा को लॉन्च करते हुए बताया कि कोरोनिल में गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वसारि रस और अणु तेल का मिश्रण है। उन्होंने बताया कि इस दवा को हर रोज दिन में दो बार सुबह और शाम को लिया जा सकता है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बाबा रामदेव की इस दवा का मूल्य 535 रुपये हैं जिससे कोरोना जैसी महामारी से लड़ने का दावा बाबा रामदेव ने किया है।

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