अफवाह से बचें : हर कश्मीरी नहीं होता आतंकवादी, क्योंकि फौजी औरंगजेब हुआ था देश के लिए शहीद

पाकिस्तान को यूं तो आतंकवाद का आका कहा जाता है और भारत में आतंकवादी हमलों के लिए पाकिस्तान ही जिम्मेदार होता है क्योंकि पाकिस्तान से ही हर बार भारत में आतंकी हमले की साजिश रची जाती है लेकिन इस बात में भी कोई दो राहे नहीं है कि जम्मू-कश्मीर आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत देश ही है. जिसमे आए दिन कई जवान शहीद हो रहे हैं. लेकिन हर कश्मीरी को आतंक के नजर से देखना भी गलत है…क्योंकि भारतीय सेना का जवान औरंगजेब भी कश्मीर से था जिसने देश के लिए जान दी. तो ऐशे में किसी भी अफवाह से बचें.

शहीदों का अपमान नहीं सहा जाएगा, जरुर हो कार्रवाही

जिन्होंने देश के शहीदों के लिए औऱ देश के सैनिकों के लिए अभद्र टिप्पणी-अपशब्द कहे हैं औऱ यहीं का खाकर यहीं की राष्ट्र विरोधी बात की है वो सजा का हकदार है….साथ ही आरोपी भी है. पुलिस जांच कर जरुर उन पर कार्रवाही करेगी…ये काम पुलिस का है.

आतंक के सरगना जम्मूू-कश्मीर के युवाओं में भारत के खिलाफ भर देते हैं नफरत की आग  

जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा आतंकवादी हमले भी होते हैं औऱ आतंकवादियों का टारगेट भी जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाना है. यहां तक की सीमा पार से आतंक के सरगना जम्मूू-कश्मीर के युवाओं को इस तरह भारत के खिलाफ नफरत की आग में भर देते हैं कि वह अपने मुल्क में ही आतंक को फैलाने के लिए उनके रगों में खून दौड़ने लगता है. पुलवामा में जो आतंकी हमला हुआ उसमें कश्मीरी युवक ही शामिल था जिसने कार में 350 किलो विस्फोटक ऱख सीआरपीएफ काफिले की एक बस को टारगेट बनाते हुए उड़ा दिया था जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे.

क्योंकि हर कश्मीरी आतंकवादी नहीं हो सकता!!

ये पहला मौका नहीं है जब जम्मू-कश्मीर के युवक ने ही जम्मू-कश्मीर में ही आंतकी घटना को अंजाम दिया हो…इससे पहले भी कई बार जम्मू-कश्मीर के युवा आतंकी हमले को अंजाम दे चुके हैं…जिससे सवाल खड़ा ये भी उठ रहे हैं कि क्या जम्मू-कश्मीर के युवा आंतकवादी है? लेकिन इस सवाल को सिरे से खारिज किया जाना चाहिए क्योंकि हर कश्मीरी आतंकवादी नहीं हो सकता.

IMA से कई कश्मीरी युवक बने हैं अफसर, कर रहे देश की सेवा

आपको बता दें देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी से हर साल लगभग सैंकड़ों कैंडिडेट्स पास आउट होते हैं और खास बात ये है कि इसमें से हर बार कई कश्मीरी कैंडिडेट्स भी पास आउट होते हैं। जिनकी नशों में देश की रक्षा के लिए खून दौड़ता है तो ऐसे कहा जा सकता है हर कश्मीरी आतंकवादी नहीं हो सकता.

भारतीय जवान औरंगजेब की अगवा कर की गई थी हत्या, जम्मू-कश्मीर का निवासी

बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जिस भारतीय जवान औरंगजेब की अगवा कर हत्या कर दी गई थी, उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर दिखा था. बता दें कि औरंगजेब उस एनकाउंटर अभियान का हिस्सा थे, जिसमें आतंकी समीर टाइगर को मारा गया था और उस ऑपरेशन को अंजाम दिया था.

औरंगजेब 4 जम्मू कश्मीर लाइट इनफैंट्री में थे

राजौरी जिला के निवासी औरंगजेब ईद के मौके पर छुट्टियों में घर जा रहे थे. इस दौरान पुलवामा जिले के कलामपुरा इलाके से उनका अपहरण कर लिया गया था. उनका शव उनके घर से दस किलोमीटर की दूरी पर मिला. उनके सिर और गर्दन पर गोलियों के निशान थे. औरंगजेब 4 जम्मू कश्मीर लाइट इनफैंट्री में थे और उस दौरान वह शोपियां के शादीमार्ग में 44 राष्ट्रीय राइफल्स शिविर में तैनात थे. औरंगजेब इस अभियान में शामिल थे, जिसके तहत आतंकी समीर को मारा गया था. आंतकी समीर टाइगर ने मेजर रोहित शुक्ला को मारने की धमकी भी थी.

कई कश्मीरी युवक सेना का अंग बन कर रहे देश की सेवा

जम्मू-कश्मीर में भले ही आतंकवादी गतिविधियों में कुछ कश्मीरी युवकों का हाथ रहता हो लेकिन देश की सुरक्षा की बात आती है तो देश की सुरक्षा के लिए कश्मीरी युवक सीने पर गोली खाने तैयार रहते हैं. कई कश्मीरी युवक भारतीय सेना में शामिल होकर देश की रक्षा सीमाओं पर कर रहे हैं और कश्मीर में भी आतंकवाद के खात्मे के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.

कानून और शांति व्यवस्था बनाए ऱखें, जो देश के शहीदों का अपमान करेगा उसको कानून सजा देगा

ऐसे में आप सभी को अफवाहों से बचने की जरुरत है और हर किसी को आतंकवादी की नजर से देखना गलत है. हां जो देश के लिए अपशब्द कहता है औऱ देश की शहीदों का अपमान करेगा वो सजा का हकदार है लेकिन वो काम पुलिस का हैं…हमारा काम है देश में राज्य में शांति बनाए ऱखना.

उत्तराखंड पुलिस की अपील

जनसामान्य से अनुरोध है कि कृपया किसी भी प्रकार तथ्यहीन एवं भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही अपुष्ट सूचनाओं को सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड करें। पुलिस कानून के अनुसार अपना काम कर रही है। कृपया कानून अपने हाथ में न लें।  हम कानून और शांति व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है और ऐसा करेंगे। कोई भी व्यक्ति जो, फर्जी खबरों के माध्यम से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने तथा कानून और शांति व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा। कृपया कानून को अपने हाथ में लेने से बचें।

दीपिका रावत

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