भाजपा ने किया कैबिनेट मंत्री से किनारा, इस वजह से चुनाव प्रबंधन समिति में नहीं मिली जगह

देहरादून। उत्तराखंड लोकसभा चुनाव की तारीख की ऐलान के बाद आचार संहिता लगने और कुंडेश्वरी थाने में हुए विवाद के बाद कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे सुर्खियों में हैं, तो वहीं कुंडेश्वरी थाने में हुए बवाल के बाद भाजपा ने कैबिनेट मंत्री के खिलाफ जांच बिठा दी है, जिसमे 3 सदस्य टीम कैबिनेट मंत्री के खिलाफ जांच करेगी कि आखिर थाने में हुए बवाल के पीछे की वजह क्या थी और उसके बाद थाने में कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे में क्या कुछ किया।

कुंडेश्वरी थाने में हुई खनन कारोबारियों और पुलिस के बीच विवाद की वजह से अरविंद पांडे बुरी तरीके से घिरते हुए नजर आ रहे हैं। जो की आचार संहिता के दौरान भारी भीड़ के साथ कुंडेश्वरी चौकी पहुंचे थे और इस दौरान आरोप है कि चौकी इंचार्ज के साथ मारपीट भी की गई है थी।

एक तरफ जहां विपक्ष अरविंद पांडे का इस्तीफा मांग रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पार्टी ने उनके खिलाफ जांच बिठा दी है।

महत्वपूर्ण समिति में नही मिली जगह

कुंडेश्वरी थाने में हुए बवाल के बाद जहां प्रदेश भाजपा ने कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे के खिलाफ जांच बिठा दी गई है तो वहीं संगठन ने लोकसभा चुनाव प्रबंधन समिति में अरविंद पांडे को जगह नहीं दी है जिससे साफ होता है कि भाजपा संगठन अरविंद पांडे से किनारा करता हुआ नजर आ रहा है। 41 सदस्यों की सूची भाजपा ने चुनाव प्रबंधन समिति की जारी की है जिसमें कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे का नाम नहीं है।

त्रिवेंद्र कैबिनेट की अकेले मंत्री अरविंद पांडे ही हैं जिनको समिति में जगह नहीं दी गई है जबकि त्रिवेंद्र कैबिनेट के सभी मंत्रियों के साथ भाजपा के कई नेताओं को समिति में जगह दी गई है।

वहीं खबर उत्तराखंड में जब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश बंसल से इस मामले पर बातचीत की तो उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया।साथ ही जब खबर उत्तराखंड में उनसे सवाल किया कि कुंडेश्वरी थाने में हुए बवाल की वजह अरविंद पांडे को समिति में जगह न दिए जाने की मुख्य वजह तो नहीं तो उन्होंने साफ कह दिया यही वजह आप समझ सकते हैं जो अरविंद पांडे को समिति में शामिल नहीं किया गया।

कल मंत्री रखेंगे अपना पक्ष

वहीं कल पूरे मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे देहरादून में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे जिसमें वह अपना पक्ष कुंडेश्वरी थाने में हुए विवाद को रखेंगे। देखना ये होगा कि अरविंद पांडे क्या अपना पक्ष रखते हैं और चुनाव प्रबंधन संचालन समिति में जो उन्हें जगह नहीं दी गई है उसको लेकर क्या कुछ कहते हैं।

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