खुलासा – मोदी सरकार में सेना को मिल रहा है घटिया गोला बारूद, रक्षा मंत्रालय को लिखी गई चिट्ठी

भारतीय सेना अपने टैंकों, आर्टिलरी और एअर डिफेंस और अन्य हथियारों में इस्तमाल होने वाले गोला बारूद की घटिया क्वालिटी से बेहद परेशान है और सेना ने इस संबंध में रक्षा मंत्रालय से अपनी चिंता जाहिर की है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस संबंध में आज प्रमुखता से खबर प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सेना ने घटिया गोला बारूद की सप्लाई का मामला सेक्रेटरी, डिफेंस प्रोडक्शन अजय कुमार के सामने उठाया है। इसमें आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के जरिए मिल रहे गोला बारूद में क्वालिटी कंट्रोल की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।

आपको बता दें कि ओएफबी की देश के अलग अलग हिस्सों में कुल 41 फैक्ट्रियां हैं और यहां बनाया गया गोला बारूद ही सेना अपने हथियारों में इस्तमाल करती है।

खबर में बताया गया है कि खराब गोला बारूद की वजह से हादसे बढ़ रहे हैं। 105 मिमी लाइट फील्ड गन, 130 मिमी एमके-1 मीडियम गन. 40 एमएम एल 70 एयर डिफेंस गन, टी – 72, टी –90, अर्जुन टैंक और बोफोर्स तोप में भी दिक्कत आ रही है। बीते पांच सालों में टैंकों से फायर के दौरान 40 हादसे की रिपोर्ट दी गई है। सेना ने 40 एमएम हाई एक्सप्लोसिव एम्यूनिशेन और एल-70 एयर डिफेंस गन की ट्रेनिंग फायरिंग को फिलहाल रोक दिया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि फरवरी में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में खराब गोला बारूद की वजह से हुए हादसे में एक अफसर और 4 सैनिक घायल हुए थे।

गोला बारूद की क्वालिटी में आई कमी के बाद डर है कि कहीं ओएफबी के जरिए उपलब्ध कराया जा रहे गोला बारूद पर से सेना का भरोसा ही खत्म न हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो खासी परेशानी खड़ी हो सकती है। सूत्रों की माने तो रक्षा मंत्रालय ने अपने स्तर से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर –

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