सेना में अफसर बनना चाहती है शहीद की बेटी, बोली- पापा ने वादा किया था प्लेन में बैठाकर घुमाने ले जाएंगे

 

देहरादून : 11वीं गढ़वाल रायफल्स के शहीद जवान राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर 8 महीने बाद बरामद हुआ। आपको बता दें कि 15 अगस्त को जवान का पार्थिव शरीर बरामद हुआ। वहीं बीते रात पौने 8 बजे पार्थिव शरीर श्रीनगर से जौलीग्रांट एयरपोर्ट लाया गया औऱ एमएच में रखा गया। वहीं गुरुवार सुबह 7.30 बजे एमएच से प्रेमनगर अम्बिवाला स्थित उनके घर लाया गया। जहां शहीद के घरवालों को अंतिम दर्शन कराए गए। इसके बाद सीएम ने शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद डीएम, डीआईजी, एसपी सिटी समेत कई विधायकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। बता दें कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शहीद के घर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। सीएम ने शहीद की पत्नी को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया। इसके बाद शहीद के पार्थिव शरीर को हरिद्वार ले जाया गया। दोपहर करीब एक बजे शहीद राजेंद्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पहुंचा। यहां पूरे सैन्‍य सम्‍मान के साथ शहीद का अंतिम संस्‍कार किया गया।

बेटी बोलीच पापा का ये वादा रह गया अधूरा

वहीं श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों ने शहीद की बेटी अंजलि से बात की और पिता को याद करते हुए बीते हुए पलों के बारे में पूछा। पहले तो अंजलि शहीद पिता को याद कर फफक-फफक कर रोने लगी और बोली कि वो सेना में अफसर बनेंगी और पिता की तरह देश की ऱक्षा करेंगी। जी हां शहीद की बेटी अंजलि सेना में अफसर बनना चाहती हैं। इस दौरान अंजलि ने वादा किया था वो छुट्टी आएंगे और उनको प्लेन में बैठाकर घुमाएंगे लेकिन वो सपना अधूरा रह गया। अंजली ने कहा कि उन्हें अब तक उम्मीद थी कि पापा लौटेंगे ये कहते हुए शहीद की बेटी रोनेे लगीं।

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