DIG की गजब की तकनीक, अब मिसकॉल से अपराधियों को धर दबोचेगी देहरादून पुलिस

देहरादून। देहरादून पुलिस ने अब अपराधियों को पकड़ने के लिए नई तकनीकी अपनाई है जो की कारगार भी साबि हुई है। बता दें कि उस तकनीक का नाम है मिसकॉल तकनीक। ये तकनीकी रात के समय या दिन के उजाले में काम करेगी। आपको बता दें कि रात में अपराध कर दूसरे राज्यों में भागने की कोशिश करने वाले अपराधियों को अब पुलिस मिसकाल के जरिए धर दबोचेगी।

ऐसे काम करेगी मिसकॉल तकनीक

आपको बता दें कि डीआइजी जन्मेजय खंडूडी ने रात के समय पिकेट पर ड्यूटी कर पुलिसकर्मियों को निर्देश जारी किए हैं कि रात के समय घूमने वाले व्यक्तियों के मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करने की बजाए उनसे अपने फोन पर मिसकाल करवाएं। इससे संबंधित व्यक्ति का सही नंबर पुलिसकर्मी के पास आ जाएगा और अगर किसी कॉल डिटेल रिकार्डिंग में अगर उसका नंबर आता है, तो उसे गिरफ्तार करने में भी आसानी होगी। दरअसल अब तक पिकेट व रात में ड्यूटी कर रहे पुलिस मुलाजिम रात के समय बाहर घूमने वाले व्यक्तियों के मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करवाते थे। कई बार शातिर गलत नंबर दर्ज करके भाग जाते थे। ऐसे में डीआइजी ने इसका तोड़ निकाला है कि यदि रात के समय घूमने वाला व्यक्ति अपने फोन से पुलिसकर्मी के फोन पर मिसकाल करता है तो उसका रिकार्ड पुलिस के पास आ जाएगा।

आपको बता दें कि देहरादून अधिकतर वारदातों को अंजाम यूपी के बदमाश देते आ रहे हैं और वो घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। वो अपराध के लिए देहरादून आते हैं और वारदात करके फरार हो जाते हैं। ऐसे में पुलिस को उन्हें ढूंढने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में यदि नाकेबंदी के दौरान उनके नंबर पुलिसकर्मियों के पास आ जाएंगे तो पुलिस को उन्हें ढूंढने में आसानी होगी।

एसएसपी देहरादून जन्मेजय खंडूड़ी का कहना है कि अपराधियों का रिकार्ड हासिल करने के लिए मिसकाल तकनीक शुरू की गई है। यदि अपराधी का सही मोबाइल नंबर पुलिस के पास आ जाता है तो उसे ढूंढने में आसानी होगी। प्रेमनगर में हुए मर्डर का पर्दाफाश भी इसी तकनीकी से हुआ है।

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