गजब! मास्टर संस्कृत के पढ़ा रहे अंग्रेजी, गणित वाला विज्ञान, ऐसे कैसे होगा बेड़ापार

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग हमेशा से चर्चाओं में रहा है। छात्रों से बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद तो की जाती है, लेकिन उनको पढ़ाने के लिए बेहतर माहौल तक नहीं मिल पाता है। इतना ही नहीं छात्रों को उस विषय का शिक्षक पढ़ा रहा है, जिसने कभी खुद भी उस विषय की पढ़ाई नहीं की है। जी हां उत्तराखं डमें 183 ऐसे शिक्षक हैं, जो अपने मूल विषय छोड़ ऐसे विषय पढ़ा रहे हैं।

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित हो चुकी है, लेकिन डेढ़ सौ से अधिक स्कूलों में संबंधित विषय के शिक्षक न होने से अंग्रेजी वाला शिक्षक संस्कृत तो संस्कृत वाला अंग्रेजी पढ़ा रहा है। कुछ अन्य विषयों का भी यही हाल है। 183 शिक्षक संबंधित विषयों के बजाए छात्र-छात्राओं को दूसरे विषय पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुमाऊं मंडल में 87 और गढ़वाल मंडल में 35 सहायक अध्यापक अपने विषयों के बजाए छात्र-छात्राओं को दूसरे विषय पढ़ा रहे हैं। जबकि दोनों ही मंडलों में इस तरह के प्रवक्ताओं की संख्या 61 है।

स्कूल में इन शिक्षकों से संबंधित विषयों के छात्र-छात्राएं न होने से जरूरत के हिसाब से इन शिक्षकों से बच्चों को पढ़वाया जा रहा है। कुछ स्कूलों में भौतिक विज्ञान वाले शिक्षक गणित तो कुछ में गणित वाले भौतिक विज्ञान पढ़ा रहे हैं। ठीक इसी तरह संस्कृत वाले शिक्षक हिंदी तो हिंदी वाले संस्कृत पढ़ा रहे हैं। जबकि अन्य विषयों का भी यही हाल है।

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