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उत्तराखंड: नशा मुक्ति केंद्रों का गजब हाल, छापेमारी में बड़ा खुलासा, हैरान रह गई टीम

Amazing condition of drug de-addiction centers

देहरादून: नशा मुक्ति केद्रों का बुरा हाल है। ये केंद्र नशे की लत छुड़ाने के लिए खोले गए हैं। लेकिन, इन केंद्रों में जो हो रहा है, वो हैरान करने वाला तो है ही, डरावना भी है। इन नशा मुक्ति केंद्रों में रह रहे लोगों की पिटाई के मामले सामने आ चुके हैं। दुष्कर्म की घटना भी सामने आई थी। फरार होने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। नशा मुक्ति केंद्रों का हाल जानने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापेमारी की थी, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

प्रशासन की टीम ने शहर के तीन नशा मुक्ति केंद्रों पर छापा मारा। यहां पर मानसिक रोगियों के साथ-साथ परिवार से निकाले गए बुजुर्ग भी रहते हुए मिले। प्रशासन ने इन मानसिक रोगियों को वहां से निकालकर मानसिक रोग अस्पताल भेजने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों को चेतावनी भी दी है।

जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान और एसपी सिटी सरिता डोभाल की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। सहस्रधारा रोड और राजपुर क्षेत्र में संचालित नवचेतना, ब्राइट फ्यूचर और नवकिरन नशा मुक्ति केंद्रों में छापा मारा गया।

यहां पाया गया कि ब्राइट फ्यूचर में एक मानसिक रोगी और दो बुजुर्ग व्यक्तियों को रखा गया था। इनमें से कोई भी नशे का आदी नहीं है। ऐसे में इन सभी को उनके परिजनों के सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि नशामुक्ति केन्द्र बायलॉज के अनुसार संचालित नहीं हो रहे हैं। जिस पर केन्द्र संचालकों को सभी विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इससे पहले यह टीम शहर के चार नशा मुक्ति केंद्रों को बंद करा चुकी है।

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