आलोक नाथ की बढ़ी मुश्किलें, देहरादून निवासी अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने लगाए गंभीर आरोप

देहरादून : #metoo कैंपेन की चपेट में आए बॉलीवुड में संस्कारी बाबू के नाम से पहचाने जाने वाले आलोक नाथ की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विंता नंदा, संध्या मृदुल और एक क्रू मेंबर के बाद अब फिल्म परदेश, हम साथ-साथ हैं और कुछ-कुछ होता है जैसी कई फिल्मों में आलोक नाथ के साथ काम कर चुकीं देहरादून निवासी अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने भी उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

एक शाम आलोक नाथ शराब पीकर लड़खड़ाते हुए गर्ल्स हॉस्टल में उनके कमरे में आए

बकौल हिमानी बात उन दिनों की है जब वो 80 के दशक में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में कलाकारी के गुर सीख रही थीं। तब एनएसडी में ही मौजूद आलोक नाथ उनसे तीन साल सीनियर थे। वो बताती हैं कि एक शाम आलोक नाथ शराब पीकर लड़खड़ाते हुए गर्ल्स हॉस्टल में उनके कमरे में आ धमके। वो कुछ कहते हुए उनकी ओर बढ़ने लगे। आलोक नाथ को इस हालत में अपने कमरे में देखकर हिमानी घबरा गईं और उनसे बाहर जाने को कहा, लेकिन वो नहीं रुके और कमरे में और अंदर आने लगे।

वो जोर-जोर से चिल्लाकर उन्हें बाहर जाने को कहने लगीं

हिमानी बताती हैं कि वो जोर-जोर से चिल्लाकर उन्हें बाहर जाने को कहने लगीं। किस्मत अच्छी थी कि इस दौरान उनकी आवाज सुनकर उनकी रूम मेट और अन्य लोग मौके पर आ गए, जिसके बाद आलोक नाथ को कमरे से बाहर भेजा गया। वो बताती हैं कि इसके बाद उन्होंने निजी जीवन में हमेशा आलोक नाथ से दूरी बनाए रखी। हिमानी शिवपुरी बताती हैं कि अकेले आलोक नाथ ही नहीं थे, जिन्होंने उनके साथ बदसलूकी करने की कोशिश की, बल्कि कई ऐसे बड़े नाम हैं जिन्होंने दुस्साहस करने की कोशिश की, लेकिन हिमानी ने उनका डट कर विरोध किया।

वो जब भी अपनी बायोग्राफी लिखेंगी, उसमें परत दर परत सब कुछ लिखेंगी

वो कहती हैं कि वो जब भी अपनी बायोग्राफी लिखेंगी, उसमें परत दर परत सब कुछ लिखेंगी। अभिनेत्रियों के कई दशक पुरानी बातें अब उजागर करने और तब चुप्पी साधे रखने के सवाल पर हिमानी कहती हैं कि वो दौर अधिकतर लड़कियों के करिअर की शुरुआत का था, उस दौरान लोग इतने जागरूक भी नहीं थे और मन में डर भी रहता था कि अगर एक्टर के खिलाफ ही कुछ बोल दिया तो कोई यकीन करेगा भी या नहीं।

कहा कि मुझे डर था कि कुछ बोल दिया तो फिल्म से ही छुट्टी न हो जाए। ऐसा कई लड़कियों के साथ हुआ भी। हिमानी कहती हैं कि अपने साथ हो चुकीं पुरानी बुरी घटनाओं को हिम्मत जुटाकर अगर कोई आज उजागर कर रहा है तो उसकी निंदा नहीं बल्कि सराहना करनी चाहिए।

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