अलका पाल ‘द आयरल लेडी ऑफ उत्तराखंड, पति की मौत के बाद किया कुछ ऐसा काम…

काशीपुर : समाज में ऐसी भी कई महिलाएं हैं जो अकेले दम पर समाज को आईना दिखाने का काम कर रही हैं. उन्हीं महिलाओं में से एक हैं काशीपुर की रहने वाली अलका पाल. अलका पाल काशीपुर में अपने दिवंगत पति की याद में खोले गए एचपी मैमोरियल समाज कल्याण समिति के माध्यम से महिलाओं और असहाय, मज़बूर, बेबस और गरीब लड़कियों को आत्म निर्भर बनाने का बीड़ा उठाये हैं.

काशीपुर की आय़रल लेडी अलका पाल को हमारा सलाम

ऊधम सिंह नगर के काशीपुर के मोहल्ला कटरामालियान में पिछले 15 सालों से समाज की असहाय, मज़बूर, बेबस और गरीब लड़कियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर और अपने पैरों पर खड़ा करने की मन में ललक लिए अलका पाल को सलाम. अलका के जीवन में संघर्ष की दास्ताँ वर्ष 27 मार्च 2002 से शुरू हुई जब उनके ठेकेदार पति की अचानक हार्ट अटैक के कारण मृत्यु हो गयी थी. उस वक़्त उनके बड़े बेटे की उम्र 9 साल और छोटे बेटे की उम्र 7 साल थी. छोटे मासूम बच्चों के सर से पिता का साया और अलका के सर से पति का साया उठ जाने के बाद तो मानो जैसे उन पर ग़मों का पहाड़ ही टूट पड़ा.

पढ़ी लिखी शिक्षित महिला अलका ने आयरन लेडी की भूमिका निभाई

ऐसे में पढ़ी लिखी शिक्षित महिला अलका ने आयरन लेडी की भूमिका निभाते हुए अपने जैसी विधवा ऐसी महिलाओं जिनके सर से पति का साया उठ गया हो और वह पढ़ी लिखी नहीं हैं, ऐसी महिलाओं के बारे में सोचा तो उन्हें ऐसी महिलाओं और गरीब और बेबस मज़बूर लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने पति की याद में एचपी मैमोरियल समाज कल्याण समिति नामक संस्था का निर्माण किया. संस्था के माध्यम से 15 सालों में 1300 लड़कियां औरत महिलाएं यहाँ से प्रशिक्षण पाप्त कर चुकी हैं. उनके मुताबिक़ समाज में अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी ग्रास रुट पर आकर महिलाओं के सशक्तिकरण में सहयोग देना चाहिए.

2011 में मिला स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरूस्कार

अलका ने अपने कौशल और शिक्षा के दम पर न केवल आज वो मुकाम हासिल किया जिससे आज वो खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. अल्का ने सेवा भाव से वर्ष 2011 में स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरूस्कार प्राप्त किया तो 2015 में वेस्ट वुमेन अचीवर अवार्ड तथा वर्ष 2016 में उत्तराखंड उदय सम्मान उत्तराखंड श्री भी प्राप्त किया है.

ऐसी महिलाओं को आज भी समाज में जरूरत है जो खुद को आत्मनिर्भर बनाने के साथ साथ समाज से लड़ते हुए अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाते हुए समाज को आईना दिखा सकें. काशीपुर की इस आयरन लेडी अलका पाल की मिसाल देखते ही बनती है.

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