

बता दें कि सोशल मीडिया के जरिए पुलिस ने लोगों को ऐसी कॉलों से सतर्क रहने की हिदायत दी है। बूस्टर डोज़ लगाने के नाम पर आपसे ठगी हो सकती है। क्योंकि पुलिस कंट्रोल रूम में इस तरह से ठगी की कोशिश के 3 मामले आए हैं। दो मामले देहरादून और एक मामला हल्द्वानी से सामने आया है। हालांकि, तीनों व्यक्ति ने समझदारी दिखाते हुए खुद को ठगी से बचा लिया। अब पुलिस की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आमजन को साइबर ठगी से बचाने को एडवाइजरी जारी की गई है।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें, ना दें ओटीपी
आपको बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और तीसरी लहर में बूस्टर डोज लगाई जा री है। इसका फायदा साइबर अपराधी उठाने की कोशिश में है। ठग खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन कर रहे हैं और दोनों वैक्सीन लगाने की बात पूछकर बूस्टर डोज़ लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन की बात कह रहे हैं और ओटीपी पूछ रहे हैं जिसके बाद आपका अकाउंट खाली हो जाएगा। इसलिए सतर्क रहें और किसी को ओटीपी ना बताएं।। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें और ना ही किसी को फोन पर कोई ओटीपी दें।
साइबर सेल के सीओ आपरेशन नीरज सेमवाल ने बताया कि प्रिकाशन डोज के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर ओटीपी की जानकारी लेकर खाते से रकम उड़ाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में हर किसी को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि किसी के पास प्रिकाशन डोज के लिए फोन आए तो कोई जानकारी न साझा करें। केवाइसी अपडेट करने से लेकर कोविड वैक्सीनेशन व प्रिकाशन डोज के लिए किसी को फोन नहीं किया जाता है। साइबर ठगी के शिकार हों तो तुरंत साइबर थाना के टोल फ्री नंबर 155260 व साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से लेने के लिए सभी जिला प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। इन दिनों प्रिकाशन डोज के नाम पर भी ठगी करने की शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए सभी जिला प्रभारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।