पहले खोलते रहे शराब के ठेके, अब 131 दुकानों पर लटके ताले, होगा करोड़ों का नुकसान

देहरादून: एक तरफ हिलटाॅप को लेकर हल्ला मचा हुआ है और दूसरी ओर शराब की दुकानों को लेकर सरकार कठघरे में है। प्रदेश में इस बार शराब की 131 दुकानों के शटर इस बार नहीं उठेंगे। सरकार ने इन दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। सरकार की आबकारी नीति को पहले से ही खराब बता रहे विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है।

उत्तराखंड सरकार की आबकारी नीति को एक और झटका लगा है। शराब की 131 रिटेल दुकानों की बिक्री नहीं होने से अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें 2019-20 में बंद रखने का निर्णय लिया है। दुकानें नहीं खोलने से सरकार को इस वर्ष आबकारी से प्राप्त होने वाले राजस्व में करोड़ों का झटका लगने की पूरी आशंका जताई जा रही है।

प्रदेश में आबकारी विभाग 619 शराब की रिटेल बिक्री के लिए दुकानें संचालित कर रहा है इस वर्ष की आबकारी नीति के तहत पिछले वित्तीय वर्ष से 20 फीसदी अधिभार बढ़ाकर दुकानों को बेचने का निर्णय लिया गया था। अधिकांश शराब ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई, जिसके दो बार ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। लेकिन, 234 दुकानों की बिक्री फिर भी नहीं हो पाई। वर्तमान में 131 दुकानों को कोई भी खरीदार नहीं मिल पाया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा किस सरकार ने 131 दुकानों के लाइसेंस को निरस्त करने का फैसला लिया है और अब यह दुकानें इस वित्तीय वर्ष में नहीं खोली जाएंगी। शराब की दुकानों में 47 विदेशी मदिरा और 84 देसी मदिरा की दुकानें शामिल हंै।

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