अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश बोले : फिर से अतिक्रमण हुआ तो 2 साल की सजा और 50 जुर्माने के लिए रहें तैयार

देहरादून: हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर में मसूूरीरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, पुलिस विभाग एवं जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जन सामान्य हेतु बनाये गये फुटपाथों, गलियों, सड़कों एवं अन्य स्थलों पर किये गये अनधिकृत निर्माणों एवं अवैध अतिक्रमणों में ध्वस्तीकरण, चिन्हीकरण व सीलिंग का कार्य फिर से शुरू किया गया है।

अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने शुक्रवार को महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सर्वे चैक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में अतिक्रमण हटाओ टास्क फोर्स के अधिकारियों के साथ अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण, अतिक्रमणों के चिन्हीकरण व अवैध भवनों में किये जा रहे सीलिंग व इस संबंध में आगामी कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. को निर्देश दिये कि टास्क फोर्स द्वारा इस बार अतिक्रमणकारियों को परामर्श दिया जाए कि यदि उनके द्वारा अगली बार अतिक्रमण किया जायेगा तो उनके विरूद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन अधिनियम की धारा 26‘A‘ के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, उत्तर प्रदेश नगर नियोजन अधिनियम की धारा 26‘A‘ के तहत दो वर्ष की कैद एवं 50 हजार जुर्माना का प्राविधान है। यह अधिनियम उत्तराखण्ड में भी प्रभावी है। लेकिन यह कार्यवाही ऐसे लोगों के विरूद्ध कि जाएगी जो कई बार समझाने बाद भी नहीं मानते हैं।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि अवैध अतिक्रमणों के ध्वस्तीकरण, सीमांकन व सीलिंग के कार्यों में और अधिक तेजी लाई जाए। नये सिरे से चिन्हीकरण किया जाए एवं प्रतिदिन पुनः चिन्हीकरण व Reverification of Demarcation का लक्ष्य 500 रखा जाए।

उन्होंने कहा कि देहरादून शहर में वाहन संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, अगर समय रहते अतिक्रमण नही हटाया गया तो जाम की स्थिति और बद्दतर हो जाएगी जिससे सभी को समस्या होगी। बेहतर आवागमन एवं राजधानी की बेहतरी के लिए अतिक्रमण हटाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही आम जन मानस की भी जिम्मेदारी है कि वे अतिक्रमण हटाने में शासन-प्रशासन को सहयोग दें।

  1. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मार्गों में आने वाले अवैध अतिक्रमणों को हटाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान टास्क फोर्स से जुडे अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी व कर्मचाारी के खिलाफ यदि कोई अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में लापरवाही संज्ञान में आती है, तो ऐसे कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्होंने बताया कि आज इस अभियान के अन्तर्गत 14 अवैध अतिक्रमण का ध्वस्तीकरण व 288 अतिक्रमणों का Reverification of Demarcation व 43 अतिक्रमणों का चिन्हीकरण का कार्य सम्पादित किया गया।

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