मंत्री जी, चुनौती है आपको, राजधानी की इस सड़क पर एक बार चल कर दिखा दीजिए

देहरादून की एक सड़क पर इन दिनों स्विमिंग पूल बना हुआ और वो भी अधिकारियों की मेहरबानी से। इस स्विमिंग पूल की हम तक तस्वीरें पहुंचाईं हैं हमारे एक जागरुक पाठक ने। हमारे इस पाठक ने न सिर्फ हमें खबर भेजी है बल्कि पूरी राजधानी के नागरिकों के सामने सरकारी सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। ये सड़क उस सड़क से लगी हुई है जिसे राज्य के शहरी विकास मंत्री ने मॉडल रोड बनाने का दावा तकरीबन दो साल पहले किया था। पता नहीं मंत्री जी की मॉडल रोड बनी या नहीं लेकिन इस सड़क से लगी हुई इस कनेक्टिंग रोड की हालत तो बेहद खस्ता हो चली है। इतनी कि मंत्री जी को चुनौती दी जा सकती है कि वो बारिश के बाद एक बार इस सड़क से पैदल गुजर कर दिखा दें।

ये तस्वीर हमें हमारे पाठक अरिहंत जैन ने भेजी है।

अब आपको बताते हैं कि हमारे पाठक ने जो तस्वीरें भेजी हैं वो है कहां की। ये तस्वीरें सहारनपुर चौक से आईएसबीटी जाते वक्त निरंजनपुर आटीआई के सामने रोचीपुरा को जाने वाली रोड है। आमतौर पर इस रोड पर खासा ट्रैफिक रहता है क्योंकि ये रोड आगे जाकर हरिद्वार बाइपास में मिल जाती है। इस सड़क के दोनों ओर बड़ी आबादी रहती है लेकिन यहां कि सड़क देखकर आप हैरान हो जाएंगे।

मेन रोड से तकरीबन दौ सौ मीटर अंदर जाते ही पूरी सड़क गड्ढे में गायब हो जाती है। तकरीबन दो फिट से अधिक गहरा जलजमाव है। ये गड्ढा बीच सड़क पर है तकरीबन 30 फिट तक लंबा है। यानी पूरी सड़क ही यहां गायब है। उसपर से न जाने किन अधिकारियों की सड़क इंजीनियरिंग के ज्ञान के चलते यहां सड़क पर बड़े बड़े पत्थर डाल दिए गए हैं। किनारों की नालियां गायब हैं और ड्रेनेज की कोई व्यवस्था नहीं है। सीवर के साथ ड्रेनेज का कोई कनेक्शन नहीं है। इस सड़क से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। जिनकी किस्मत अच्छी होती है वो तो इस वैतरणी से पार हो लेते हैं लेकिन जिनकी किस्मत अच्छी नहीं होती वो इसी सरकारी गड्ढे में गिर कर मोक्ष की कामना करते हैं। यानी आपकी हड्डियां तोड़ने का पूरा इंतजाम है इस सड़क पर।

ये तस्वीर हमें हमारे पाठक अरिहंत जैन ने भेजी है।

इस सड़क पर ही जैन संप्रदाय का मंदिर भी है। इस वक्त जैन संप्रदाय का दस लक्षण पर्व चल रहा है लिहाजा श्रद्धालुओं का खूब आना जाना है। ऐसे में श्रद्धालु कैसे पहुंचते होंगे अपने आराध्य तक आप अनुमान लगा सकते हैं। न सिर्फ श्रद्धालु, बल्कि बच्चे, बूढ़े, महिलाएं किस तरह से इस सड़क से आती जाती होंगी ये अनुमान लगाया जा सकता है।

हैरानी इस बात की है ये समस्या पिछले काफी दिनों से बनी हुई है लेकिन न विधायक, न मेयर और न ही कोई अधिकारी इस रोड को दुरुस्त कराने की जहमत उठा रहा है। खबरउत्तराखंड.कॉम ने जब इस रोड का मुआयना किया तो पूरी सड़क ही खस्ताहाल हो चली है और गड्ढ़ों को ईंटों से भर कर काम चलाया जा रहा है। न कहीं बारिश के पानी की निकासी के इंतजाम किए गए हैं और न ही कहीं मेनहोल के ढक्कनों को लेवल किया है। ये पोस्ट भी हम इसी उम्मीद में लिख रहें हैं कि शायद इस खबर को पढ़ने के बाद आम नागरिकों की परेशानियां का जिम्मेदार लोगों को आभास हो सके और ये परेशानी दूर हो सके।

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