एक बारिश में चमियाला- घनसाली मार्ग बन जाता है नाला

टिहरी- चारधाम यात्रा के दौरान टिहरी जिले के गंगोत्री-घनसाली-केदारनाथ मार्ग का इस्तमाल भी बाहर से आने वाले श्रद्धालु अक्सर किया करते हैं। 2013 की आपदा के दौरान राहत सामग्री पहुंचाने के लिए इस सड़क ने काफी मदद की थी।

बावजूद इसके लोक निर्माण महकमा इस सड़क के वजूद के प्रति संजीदा नहीं है। हाल ये हैं कि सड़क पर कई गढढे हैं। पानी निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। जरा सी बारिश से सड़क नाले में तब्दील हो जाती है। जिसके चलते स्थानीय जनता, दुकानदारों और स्कूली बच्चों समेत सैलानियों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ती है।

उधर महकमें के कारिदों के ये हाल हैं कि उन्हें न तो कुछ दिखाई नहीं देता और न उन पर किसी शिकायत का असर होता है। लापरवाही और आश्वासनों से अपना काम चलाते लोनिवि के अधिकारियों का रवैया भी टालू किस्म का है। जनता की माने तो कभी भी साहब की जुबान इलाके में पत्थर की लकीर साबित नहीं हुई।

ऐसे में सवाल उठता है कि, अगर सड़क बरसात में पानी का नाला बन जाती है तो कमी किस स्तर पर रहती है, और उसका जिम्मेदार कौन है, सड़क को पास करने वाले तकनीक के जानकार या तिकड़म के माहिर ठेकेदार।

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