“पंजाबी संस्कृति को भावी पीढ़ी के लिए संजोने की जरूरत’

sada virsa

देहरादून में पंजाबी संस्कृति को बढ़ावा देने के मकसद से साडा विरसा साडी शान द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न धर्म, जाति, वर्ग, संस्कृति के लोग एक साथ बड़े ही सौहार्दपूर्ण ढंग से भारत में रहते हैं और यहाँ निवास कर रहे सभी संस्कृति का बराबर सम्मान करते हैं इसी प्रकार पंजाबी संस्कृति एक ऐसी संस्कृति है जो अपने में एक समृद्ध संस्कृति है और उसके बहुत ही नवीन होने के कारण हर व्यक्ति का जुड़ाव कहीं न कहीं उससे है फिर वो चाहे पंजाबी खाना हो, पंजाबी वस्त्र हो, पंजाबी संस्कृति हो।

विगत एक दशक से भी अधिक समय से साडा विरसा साडी शान द्वारा पंजाबी संस्कृति को और अधिक प्रचार प्रसार करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता रहा है जो पहले विशेष मौक़ों पर ही आयोजित किये जाते थे किन्तु अब जनता के अथाह प्यार व सहयोग प्राप्त होने के कारण इसको अब प्रति माह किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में डॉ. अमरजीत कौर करीर ने पंजाबी संस्कृति के प्रति भावी पीढ़ी को जागरुक करने की जरुरत जताई है।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु वंदना से की गई तत्पश्चात् रंगारंग कार्यक्रमों का दौर जारी रहा जिसमें दर्शकों ने बहुत अधिक आनंद उठाया तथा पंजाबी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये नीना नारद जी को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम मे गुरजीत, कँवल, परविनदर, मिनकी, इनदरपरीत, कविता, सन्नी, रौनक़, सोनू, दीप, पुनीत, मनीष, मिटठु आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मंच का संचालन जोत द्वारा किया गया ।

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