अफसर बना मुस्लिम लड़का बोला- ब्लेम करते हैं कि आर्मी में मुस्लिम नहीं आते TRY तो करो

देहरादून : 4 साल की कड़ी मेहनत के बाद देश की रक्षा के लिए 347 युवा सैन्य अधिकारी तैयार किए गए. शानिवार को देहरादून में इनकी पासिंग आउट परेड हुई. जिसमें कदम से कदम मिलाते युवा अफसरों ने परेड की. साथ ही सात देशों के 80 कैडेट्स भी इसमें शामिल थे. जिन्होंने भारतीय सैन्य अफसरों के साथ परेड की.

मुस्लिम समुदाय का नौजवान सेना में अफसर, दिया युवाओं को संदेश

इस बैच में एक मुस्लिम समुदाय के युवा सेना अधिकारी भी शामिल थे. जिन्होंने धर्म-जाति को लेकर भेदभाव करने वाले युवाओं और लोगों को अच्छा संदेश दिया. दरअसल 347 कैडेट्स में मुस्लिम समुदाय का नौजवान भी शामिल था जिसका नाम मोहम्मद कमरुल ज़मा है…जो की बिहार के सीतामणी के निवासी हैं.

मुस्लिम समुदाय के लड़के ब्लेम करते हैं की आर्मी में मुस्लिम नहीं आते हैं लेकिन- मो. कमरुल

मोहम्मद कमरुल ज़मा ने सबसे पहले अपनी खुशी बयां करते हुए कहा कि…I M IN THE SKY…फिर आगे कमरुल ने कहा कि इन 4 सालों में(ट्रेनिंग पीरियड) इसी सपने को लेकर जिया कि कब वर्दी में सितारे सजेंगे..जो सपना आज पूरा हो गया. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों और धर्म-जाति का भेदभाव करने वाले युवाओं औऱ लोगों को संदेश देते हुए कहा कि आर्मी में कोई भेदभाव नहीं है…आप एक बार आर्मी में आकर ट्राई तो करो. मोहम्मद कमरुल ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लड़के ब्लेम करते हैं की आर्मी में मुस्लिम नहीं जाते…लेकिन मैनें देखा है कि कोई भेदभाव नहीं किया जाता…सब एक समान है..बस आप एक बार कोशिश तो करो आर्मी में आने की.

बच्चों के कांधे पर सितारे सजा देख भावुक हुए माता-पिता 

वहीं इस दौरान बच्चों के कांधे पर सितारे सजे देख माता-पिता भावुक हो उठे तो वहीं खुद कठिन परिश्रम कर वर्दी में सितारों को देख युवा अधिकारी भी आंखों से आंसू छलकाए बिना रह नहीं पाए. आपको बता दें इस पासिंग आउट परेड में पूरे देशभर के युवा सैन्य अफसर इसका थे. जिसमें उत्तराखंड के 26 शामिल थे तो वहीं पड़ोसी देशों के 80 कैडेट्स शामिल थे.

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