केदारघाटी मे नरकंकालों के सर्च अभियान का ब्लू प्रिंट तैयार

केदारघाटी में जल से लेकर थल तक खोजे जाएंगे नरकंकाल

cm-photo-01-dt-20-october-2016देहरादून संवाददाता- मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ घाटी क्षेत्र में नरकंकालों व अवशेषों को खोजने के लिए एसडीआरएफ को लगातार सघन सर्च आपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सर्च टीम को कोई कंकाल मिलते हैं तो उनका डीएनए कराते हुए पूरे विधिविधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ काम्बिंग अभियान का ब्लू प्रिन्ट तैयार किया। जानकारी के मुताबिक एसडीआरएफ की टीम विभिन्न चरणों में केदारघाटी में सर्च ऑपरेशन चलाएगी । पहले 25 अक्टूबर तक केदारनाथ के विभिन्न ट्रेक रूटों पर सर्च आपरेशन संचालित किया जाएगा। केदारघाटी में नरकंकालों की खोज, डीएनए सेम्पलिंग और विधिवत अंत्येष्टि के लिए उपसेनानायक एसडीआरएफ प्रकाश चंद्र आर्य के नेतृत्व में केदारघाटी के सात ट्रेकिंग रूट पर टीमें सर्च आपरेशन संचालित करेंगी। इन सात ट्रेकिंग रूटों में 40 किमी का गरूड़चट्टी-देवविष्णु-गोमकारा-गौरीगांव, 35 किमी का चैमासी-खाम-रामबाड़ा-केदारनाथ,  4 किमी का केदारनाथ-चैराबाड़ी ग्लेशियर, 20 किमी का कालीशिला-चैमासी-लिनचैली, 18 किमी का केदारनाथ-वासुकीताल-खतलिंग, 35 किमी का केदारनाथ-मनसी-रासी व 30 किमी का तोसी-पावा-वासुकीताल-त्रिजुगीनारायण शामिल हैं। वहीं स्थानीय भौगोलिक परिवेश की जानकारी व पर्वतीय क्षेत्र में ट्रेकिंग में निपुणता होने के कारण माटा से 26, 27 व 28 अक्टूबर को स्थानीय लोगों के सहयोग से इन रूटों पर काम्बिंग करने का अनुरोध किया जाएगा।  वहीं इस दौरान एसडीआरएफ की राफ्टिंग टीम  नदी के किनारों पर भी कंकालों की खोज के लिए सर्च आपरेशन चलाएगी। दीपावली के बाद नवम्बर माह में एक बार फिर एसडीआरएफ केदारघाटी के विभिन्न क्षेत्रों में सघन काम्बिंग की जाएगी। इसके बाद बर्फ पिघलने के बाद फिर से इस काम्बिंग अभियान को जारी रखा जाएगा।  बैठक में सचिव गृह व आयुक्त गढ़वाल मंडल विनोद शर्मा, पुलिस महानिदेशक एम.ए. गणपति, आईजी संजय गुन्ज्याल व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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