मौत का ऐसा मंजर…बेटों को बचाने गई मां, काल तीनों को ले गया, पसरा मातम

हल्द्वानी से एक हृदय विदारक घटना सामने आ रही है। यहां के गौलापार के मानपुर गांव में दो भाइयों का परिवार उजड़ गया। एक अनहोनी ने सबकुछ खत्म कर दिया। जहां पर मौत के मुंह में खड़े दो बेटों को जब मां बचाने पहुंची तो मौत ने उन्हें भी छीन लिया। परिवार के तीन सदस्यों की मौत से मातक पसर गया है।
टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान दो बेटों समेत मां की मौत
दरअसल हल्द्वानी में पानी के टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान दो बेटों समेत मां की मौत हो गई। टैंक के अंदर जहरीली गैस बन गई थी। इसी की चपेट में आकर तीनों बेसुध हो गए। जब काफी देर तक तीनों नजर नहीं आए तो परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की। टैंक के अंदर तीनों को पड़ा देख लोगों ने बाहर निकाला। जिसके बाद तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पहले शटरिंग खोलने टैंक में उतरा बड़ा बेटा
ये पूरी घटना मंगलवार रात करीब 7 बजे की है। 38 वर्षीय धर्मेंद्र बिष्ट जो पेशे से प्लंबर भी है, वो अपने घर के पास बनी पानी की टंकी की शटरिंग खोलने के लिए अंदर उतरा। शटरिंग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। साथ ही टैंक के अंदर दमघोंटू गैस बन गई थी। इसी के असर से वो अचेत होकर गिर पड़े।
बड़े भाई को बचाने पहुंचा छोटा भाई
जब काफी देर बाद भी बड़ा भाई धर्मेंद्र नहीं लौटा तो उसको बचाने के लिए 34 साल का छोटा भाई खुशाल सिंह भी टैंक में उतारा। वो भी तुरंत ही जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गया।
दोनों बेटों को बचाने टैंक में उतरीं मां
काफी देर तक जब दोनों बेटे बाहर नहीं आए तो उनकी 59 साल की मां सरस्वती देवी बिना सोचे-समझे बेटों को बचाने के लिए टैंक में उतर गईं। दमघोंटू गैस की वजह से वो भी बेहोश होकर वहां गिर गई।

चौथे सदस्य की बची जान
जब तीनों सदस्यों को बचाने के लिए परिवार का एक और सदस्य टैंक की तरफ बढ़ा तो उसे तुरंत तीव्र जहरीली गैस का अहसास हुआ। गनिमत रही कि उसने खतरे को भांप लिया। जिसके बाद वो तुरंत ही पीछे हट गया। जिससे उसकी जान बच गई।
कड़ी मशक्कत से तीनों को निकाला बाहर
शोर सुनकर कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने तीनों को टैंक से बाहर निकाला। तुरंत ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।

परिवार में पसरा मातम
बता दें कि बिष्ट परिवार नैनीताल जिले के ओखलकांडा स्थित कौंता गांव का रहने वाला है। बड़ा बेटा पेशे से प्लंबर था और और छोटा बेटा खुशहाल प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता था। दोनों परिवार समेत अपनी मां सरस्वती देवी के साथ मानपुर गांव में रहते थे।
एसडीएम हल्द्वानी मोनिका आर्या ने क्या कहा?
पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि नियमानुसार आगे की आवश्यक और आर्थिक सहायता संबंधी कार्रवाई की जा सके। फिलहाल शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
एसडीएम हल्द्वानी मोनिका आर्या