उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में हरेला पर हुआ पौधारोपण, कुलपति-संस्कृत शिक्षा सचिव ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला उत्साह के साथ मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित ये लोक पर्व कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमाकान्त पाण्डेय और उत्तराखंड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार Gairola की उपस्थिति में विश्वविद्यालय परिसर में रुद्राक्ष समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर मनाया गया।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में हरेला पर हुआ पौधारोपण
कुलपति कुलसचिव के साथ विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक और छात्र भी वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बने।
वृक्षारोपण के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रो. रमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।
उत्तराखंड की संस्कृति में वृक्षों को देवता माना गया है। संस्कृत विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वो केवल ज्ञान का ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी केंद्र बने। यदि हम आज एक-एक पौधा लगाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा, पानी और हरियाली मिलेगी।
एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान
कुलपति ने कहा कि संस्कृत साहित्य में भी वृक्षों और प्रकृति का विशेष महत्व बताया गया है। डॉ प्रकाश चंद्र पंत ने पौराणिक संस्कृत श्लोक का अर्थ बताते हुए कहा कि संस्कृत भाषा में एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान बताया गया है। इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित उत्तराखंड के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने भी विश्वविद्यालय में रुद्राक्ष पौंधारोपण कर सभी को एक एक पेड़ लगाने के लिए निर्देश दिए।
हरेला की शुभकामनाएं दीं
कार्यक्रम के दौरान सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने सभी को हरेला की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरियाली ही स्वस्थ्य जीवन का आधार है, आज मानव मात्र को पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए । विश्वविद्यालय परिसर में हरेला गीतों और वैदिक मंत्रोच्चार भी किया गया।
पांच मंजिला बालिका छात्रावास का किया निरीक्षण
सचिव, संस्कृत शिक्षा ,दीपक कुमार ने उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन पांच मंजिला बालिका छात्रावास का निरीक्षण भी किया। सचिव ने निर्माण करने वाले संस्था के को निर्देश दिया कि 31 जुलाई 2026 तक छात्रावास का कार्य पूरा कर लिया जाय, जिससे इसी सत्र से बालिकाओं को छात्रावास की सुविधा मुहैया हो सके। निरीक्षण के दौरान कार्यदाई संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमाकांत पांडेय, कुलसचिव दिनेश कुमार सहित कई डीन, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहें।