Sonam Wangchuk को दिल्ली पुलिस ने हटाया, जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई, अब भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत

नीट पेपर लीक और धर्मंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक बीते 20 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। इसी बीच आज शनिवार, 18 जुलाई को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को वहां से हटा दिया। पुलिस उन्हें उठाकर जबरदस्ती इलाज के लिए अस्पताल ले गई।
भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने हटाया,
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को उनकी ठहरने की जगह पर रोका। जिसके बाद उन्हें पता चला कि सोनम वांगचुक को पुलिस जंतर-मंतर से उठा कर ले गई। इस दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। जानकारी के लिए बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर बैठे
20 जुलाई को सीजेपी और प्रदर्शनकारियों का संसद मार्च था। हालांकि इससे पहले ही सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया है। इसके साथ ही छात्रों से हटने को भी कहा गया है। सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद अब सीजीपी पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर बैठ गए है।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
बता दें कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होनी थी। लेकिन उससे पहले ही पुलिस के द्वारा ये कार्रवाई की गई। कोर्ट पहले ही सोनम वांगचुक की रोजाना क्लिनिकल हेल्थ जांच कराने के निर्देश दे चुका था। साथ ही जरूरी मेडिकल मदद के भी आदेश जारी किए थे। कोर्ट ने ये स्पष्ट रूप से माना था कि किसी भी नागरिक की जान कीमती है।
20 दिनों से भूख हड़ताल, 9 किलो से ज्यादा घटा वजन
मालूम हो कि बीते 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में सोनम वांगचुक का वजन करीब नौ किलो तक कम हो गया है। डॉक्टर ने कहा है कि वो काफी समय से भूख हड़ताल पर बैठे है। जिसके वजह से वो गंभीर चरण में पहुंच चुके है। इससे उनके अंगों पर असर पड़ना शुरू हो सकता है।