Naravane की किताब को लेकर संसद में हंगामा!, जानें क्या है उसमें जिसको लेकर मचा बवाल?

आज लोकसभा (Lok sabha) में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपने भाषण की शुरूआत में एक किताब का जिक्र किया। फिर क्या था उस किताब के जिक्र मात्र से ही संसद में हगामा खड़ा हो गया। दरअसल राहुल गाधी ने जिस किताब की बात कही वो पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (Naravane Book) की 2020 में भारत और चीन के बीच लद्दाख गतिरोध पर है। हालांकि ये एक अप्रकाशित किताब है।
नरवणे की किताब को लेकर संसद में हंगामा! Rahul Gandhi On Naravane Book
दरअसल डोकलाम से जुड़े मद्दे पर जैसे ही राहुल ने नरवणे की किताब का हवाला दिया ही था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत ही खड़े हो गए। उन्होंने सवाल किया कि जिस बुक का जिक्र किया जा रहा है, वो पब्लिश भी हुई है या नहीं? उन्होंने कहा कि अप्रकाशित किताब के आधार पर बयान देना ठीक नहीं है।
जानें क्या है उसमें जिसको लेकर मच गया बवाल?
राहुल गांधी द्वारा इस किताब के जिक्र के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी बोल उठे। उन्होंने इसके बाद सदन के नियम 349 का जिक्र किया। स्पीकर ने कहा कि अखबर की कटिंग या फिर जो किताबें पब्लिश नहीं हुई है उसपर चर्चा नहीं की जाती। सदरन नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है।
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा “Four Stars of Destiny: An Autobiography”
चलिए उस किताब के बारे में भी जान लेते है जिसको लेकर संसद में हंगामा हुआ। दरअसल पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा है। जिसका नाम “Four Stars of Destiny: An Autobiography” है। ये किताब उनके सेना करियर और जीवन के अनुभवों पर आधारित है। उन्होंने इसमें भारतीय सेना के शीर्ष पद पर रहने के समय के कई महत्वपूर्ण खुलासे, डोकलाम, और चीन से संबंधित मुद्दों के बारे में बात की है। हालांकि ये किताब प्रकाशित नहीं हुई है।
क्या हैं लोकसभा का नियम 349?
लोकसभा को सुचारु रूप से चलाने के लिए कई नियम बनाए गए है। हर सांसद को इन नियमों का पालन करना होता है। इन्हीं नियमों में से एक है नियम 349। निमय 349 “सदन में सदस्यों द्वारा पालन किए जाने वाले नियमों” यानी “Rules to be observed by members in House” से संबंधित है। जिसके तहत किसी भी चित्र, अप्रकाशित बुक या अखबार का प्रदर्शन सदन में नहीं किया जा सकता। साथ ही काम के अलावा कोई अखबार, किताब व चिट्ठी भी नहीं पढ़ी जा सकती।