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बड़ा हादसा!, कोयला खदान में देर रात 50 से ज्यादा मजदूर दबे, नहीं चल पा रहा पता

झारखंड के गलफरबाड़ी सन्यासी मंदिर के समीप जंगल में एक अवैध कुआंनुमा तीन खदान में बड़े हादसे की खबर सामने आई है। यहां मंगलवार देर रात ये तीनों खदान धंस गई। जिसमें करीब 50 लोग दब गए। अब तक इन मजदूरों का पता नहीं चल पाया है। इसमें कई लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इस घटना की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।

बड़ा हादसा!, कोयला खदान में देर रात 50 से ज्यादा मजदूर दबे

स्थानीय लोगों की माने तो करीब रात एक बजे 50 से 60 मजदूर सन्यासी मंदिर के पास जंगल में खदान संचालक शक्ति की खदान में घुस गए। जहां वो अवैध रूप से असुरक्षित माहौल में कोयले की कटाई कर रहे थे। इसी बीच कुछ कुछ मजदूरों ने कोयले की बजाय खदान के अंदर बने पिलर को काट दिया। जिससे खदान धंस गई। जिससे बगल की गोपाल और मिंटू नामक खदान संचालक की खदानें भी धंस गई।

खदान में दबे मजदूरों का नहीं चल पा रहा पता

घटना के बाद कई मजदूरों के खदान के अंदर ही फंसने की खबर है। माना जा रहा है कि कईयों की मलवे की चपेट में आने से मौत ही हो गई होगी। इस घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कई को रातो-रात लगा दिया ठिकाना

स्थानीय लोगों की माने तो कोयला चोरों की मदद से खदान संचालकों ने आनन-फानन में खदान के अंदर दबे मजदूरों को निकाला। जिनकी मौत हो गई उनके शवों को रातो-रात निकाल कर ठिकाने भी लगा दिया गया।

दुर्घटनाग्रस्त खदानों को डोजर और जेसीबी मशीन से भर दिया। जिससे प्रशासन को कोई सबूत ना मिले। कहा जा रहा है कि मरन वाले सभी मजदूर बंगाल के थे।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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