
उधम सिंह नगर में सोशल मीडिया के ज़रिए चल रहे एक संगठित हनी-ट्रैप और रंगदारी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला गैंगस्टर समेत तीन को गिरफ्तार किया है।
हनी-ट्रैप में फंसाकर 1.35 लाख की वसूली
एसएसपी मणिकांत मिश्रा के मुताबिक, यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासतौर पर फेसबुक के माध्यम से युवकों को अपने जाल में फंसाता था। शिकायतकर्ता दाऊद पुत्र भूरा, निवासी रामपुर ने पुलिस को बताया कि एक महिला ने फेसबुक पर दोस्ती कर उसे गदरपुर बुलाया। वहां पहले से घात लगाए बैठे गिरोह के सदस्यों ने अश्लील वीडियो वायरल करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उससे 40 हजार रुपए की नकद और 95 हजार ऑनलाइन वसूल लिए।
10-12 सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और गिरोह की मुख्य महिला जौहर उर्फ महक समेत तीन लोगों को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल होने वाली कार और रंगदारी की रकम भी बरामद की गई है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह कोई एक-दो लोगों का गिरोह नहीं, बल्कि 10 से 12 सदस्यों का संगठित नेटवर्क है।
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अमीर युवकों को ऐसे फंसाती थी महिला
गिरोह की महिला सदस्य पहले सोशल मीडिया पर अमीर और अकेले युवकों से दोस्ती करती थी, फिर उन्हें अलग-अलग शहरों में मिलने के बहाने बुलाकर ब्लैकमेल और रंगदारी की जाती थी। पुलिस के अनुसार, जौहर उर्फ महक का आपराधिक इतिहास पहले से ही लंबा है। वह पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल जा चुकी है और पूछताछ में करीब एक दर्जन घटनाओं को अंजाम देने की बात भी कबूल कर चुकी है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
इस पूरे मामले में दीपक, राहुल और शिवम उर्फ हैप्पी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही अन्य जनपदों से भी गिरोह से जुड़े आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा है कि जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।