
Who Was Ajit Pawar: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री (Maharashtra deputy cm) अजित पवार के निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर है। विमान हादसे(Plane Crash) का शिकार हुए पवार बुधवार सुबह पुणे से बारामती पहुंच गए थे। लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटना का शिकार हो गया। जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों(Ajit Pawar Death) की मौत हो गई। हादसा उस बीच हुआ जब वो बारामती (Baramati) में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
अजित पवार रजनिति का वो नाम थे जिन्होंने विरासत के अलावा अपने दम पर अपना नाम बनाया। महाराष्ट्र की राजनीति में वो उन नेताओं की लिस्ट में शामिल थे जिन्होंने राजनीतिक फैसलों से अपनी एक अलग पहचान बनाई। सहकारिया आंदोलन से जुड़कर उन्होंने राजनीति में कदम रखा। धीरे-धीरे उन्होंने सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाई। चलिए इस आर्टिकल में उनके बारे में जान लेते है…

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कौन थे अजित पवार जिनका प्लेन क्रैश में हुआ निधन Who Was Ajit Pawar
22 जुलाई 1959 को अजित पवार का जन्म हुआ। वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे। साल 1991 में उन्होंने बारामती से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी सीट से वो लगातार आठ बार विधायक चुने गए। उन्होने इसे अपनी राजनीतिक ताकत का केंद्र बना लिया।
सहकारिता क्षेत्र से भी जुड़े रहे
राजनीति से पहले वो सहकारिता क्षेत्र से जुड़े रहे। उनके पिता अनंतराव पवार फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ राजकमल स्टूडियो में थे। कहा जाता है कि अजित पवार फिल्मी दुनिया में भी बड़ा नाम कमा सकते थे। लेकिन उन्होंने राजनीति का मार्ग चुना।
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प्यार से लोग उन्हें कहते थे दादा
अजीत पवार को लोग प्यार से उन्हें दादा कहते थे। उनके राजनीतिक करियर में उन्होंने एक स्पष्टवादी और महत्वाकांक्षी नेता माना जाता था। मुख्यमंत्री पद को लेकर भी वो काफी वार चर्चाओं में रहे। 2009 में उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया था जिससे वो काफी नाराज हो गए थे।
साल 2010 में संभाला डिप्टी सीएम का पद
लेकिन अगले साल 2010 में उन्होंने पहली बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। जिसके बाद से उन्होंने राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते रहे। कहा जाता है कि पहले से ही उनकी नजर मुख्यमंत्री पद पर रही है।

बीते साल भाजपा-शिवसेना गठबंधन में हुए शामिल
कई बार वो तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की खुलकर आलोचना करने को लेकर भी सुर्खियों में बने रहे थे। पिछले साल ही वो अपने चाचा शरद पवार से अलग हो गए थे। जिसके बाद वो भाजपा–शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया था।
6 बार डिप्टी सीएम, 8 बार रहे विधायक
साल 1978 के समय से महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री पद की परंपरा शुरू हुई थी। कई नेताओं ने अलग-अलग समय पर राज्य का उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। अजित पवार अपने राजनीतिक करियर में कुल छह बार इस पद को संभाला, जो खुद में ही एक रिकॉर्ड है। तो वहीं आठ बार वो बारामती से विधायक रह चुके है।