
अंकिता हत्याकांड मामले में अभी उर्मिला सनावर का चेप्टर क्लोज भी नहीं हुआ था, कि अब इस मामले में एक और राजदार सामने आ गया है। जो अंकिता प्रकरण में नए खुलासे करने का दावा कर रहा है। इतना ही नहीं उस शख्स ने उर्मिला का साथ देने वाले दर्शन भारती को भी एक्पोज करने की बात कही जा रही है।
Ankita bhandari murder case में एक और राजदार की एंट्री
अंकिता हत्याकांड मामले में अभी तक जहां ऐसा लग रहा था कि ऑडियो गर्ल उर्मिला सनावर का चैप्टर क्लोज हो गया है। वहीं इसी बीच अंकिता से जुड़े कई और राज से पर्दा उठाने का दावा करने वाला एक और राजदार सामने आया है। उषा राणा माही नाम की एक महिला ने Ankita bhandari murder case की साजिश के सबूत होना का दावा कर उत्तराखंड का सियासी पारा चढ़ा दिया है।
हिंदू सरक्षक दर्शन भारती पर उषा राणा माही का निशाना
उषा राणा माही ने सबसे पहले निशाना भगवा चोले के पीछे छिपे कालनेमि पर साधा है। साथ ही इशारा हिंदू सरक्षक दर्शन भारती पर किया है। उषा राणा ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की है। तस्वीर के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। तस्वीर से ऐसा लग रहा है कि दर्शन भारती भी इस महिला को बखूबी जानते हैं।
महिला ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा कर लिखा की ‘अंकिता भंडारी बहन के साथ गद्दारी करने वाले कालनेमि के साजिश के कुछ साक्ष्य मेरे पास भी हैं। वक्त आने पर सब खुलासा करूंगी।मैं उत्तराखंड की बेटी हूं, उत्तराखंडियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर नही होंगे दूंगी’।

अब ऐसे में ये सवाल उठ रहा है कि उषा राणा माही अंकिता हत्याकांड से जुड़ी किस हकीकत से पर्दा उठाने वाली है? किस कालनेमि ने बेटी अंकिता के साथ गद्दारी की है? ऐसा कौन सा साक्ष्य है जिससे पुलिस कोसो दूर है? वो भी तब जब SIT की जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दर्शन भारती ने कर दिया था आरती गौर को पहचानने से इनकार
अब नई एंट्री ने जिस तरह से दर्शन भारती की तस्वीर को शेयर करते हुए कैपशन लिखा है, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतना ही नहीं उषा राणा माही ने दर्शन भारती के साथ आरती गौड़ की भी तस्वीर को शेयर किया है। जो खुद में एक सवाल है।क्योंकि एक बयान में दर्शन भारती ने आरती गौड़ को पहचानने से इंकार कर दिया था।
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खैर उर्मिला सनावर ने जब से अंकिता हत्याकांड से जुड़े ऑडियो वायरल किये हैं, तब से बीजेपी की सियासी नाव बीच मझधार में गोते खाने लगी है। बीजेपी की नाव को डगमगाते देख दर्शन भारती ने संभाला लिया। विडंबना देखिए कि 9 दिन तक जिस उर्मिला सनावर का पता पुलिस के पास नहीं था। दर्शन भारती उस उर्मिला को दिल्ली से देहरादून ले आए और अपने संरक्षण में रखा।
वायरल ऑडियो को दर्शन भारती ने बताया था तोता मैना की आपसी कलह
आपको याद होगा कि वायरल ऑडियो मामले को लेकर दर्शन भारती से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे तोता मैना का आपसी कलह बता दिया। 16 जनवरी को ही जब उर्मिला सनावर अपना मोबाइल फोन जमा करने कोर्ट पहुंची तो दर्शन भारती ने बयान दे दिया की उर्मिला सनावर का चैप्टर अब खत्म हो गया है। लेकिन एक और शख्स की एंट्री से अब लगता नहीं है कि उर्मिला का चैप्टर अभी खत्म हुआ है। नए एंट्री से लग रहा है कि पिचर अभी बाकी है। अब नेताओं के साथ-साथ भगवाधारियों की भी पोल खुलने वाली है। अगर ऐसा हुआ तो यकिन मानिए उत्तराखंड में सियासत में भूचाल आना तय है।