
हल्द्वानी में इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों से 39 करोड़ की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। जिसके बाद कुमाऊं कमिश्नर IAS deepak rawat ने डहरिया स्थित एक GMFX Global Limited नाम की इन्वेस्टमेंट कंपनी के कार्यालय पर छापेमारी कर इस घोटाले का पर्दाफाश किया।
निवेश के नाम पर धोखाधड़ी
मामला तब सामने आया जब कुसुमखेड़ा निवासी एक व्यक्ति ने आयुक्त से शिकायत की कि कंपनी के सीईओ ने निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की और अब धनराशि लौटाने से इनकार कर रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने सीईओ को तलब किया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासनिक टीम ने सतलोक कॉलोनी फेज-6 स्थित कंपनी कार्यालय पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो गई, जब करीब 10 से 11 अन्य निवेशक भी कार्यालय पहुंच गए और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग करते हुए आयुक्त से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई।
8 हजार लोगों से 39 करोड़ किए थे एकत्र
जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी ने 25 महीने में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करीब 8 हजार लोगों से लगभग 39 करोड़ रुपए एकत्र किए थे। हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि कंपनी के idfc बैंक खाते में मात्र 42,455 रुपए और hdfc बैंक खाते में लगभग 50 हजार रुपए ही शेष थे। आयुक्त ने बताया कि CEO बिमल रावत ने खुद स्वीकार किया है कि निवेशकों का पैसा कंपनी में लगाने के बजाय निजी स्तर पर दो स्थानों पर जमीन खरीदने में उपयोग किया गया। साथ ही कंपनी द्वारा लगभग 3900 निवेशकों की राशि बकाया होने की बात भी मानी गई है।
ये भी पढ़ें: गंदे पानी की शिकायत पर IAS दीपक रावत ने किया प्लांट का निरीक्षण, पकड़ी कई खामियां
जनता का एक-एक पैसा कराया जाएगा वापस: IAS
जांच में यह भी सामने आया कि निवेश जुटाने के लिए बिचौलियों को इंसेंटिव दिए गए, जो मल्टीलेवल मार्केटिंग या पिरामिड स्कीम की ओर इशारा करता है। आयुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट किया कि यह मामला कंपनी एक्ट के उल्लंघन, निवेशकों की राशि का दुरुपयोग और संगठित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिस पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता का एक-एक पैसा वापस कराया जाएगा।