
धर्मनगरी हरिद्वार एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक बहस के केंद्र में आ गई है। हरकी पैड़ी क्षेत्र में लगाए गए अहिंदू प्रवेश निषेध से जुड़े बैनरों को लेकर अब कमिश्नर विनय शंकर पांडे का बयान सामने आया है, लेकिन उनका रुख फिलहाल बेहद सतर्क नजर आ रहा है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में लगाए बैनरों की जानकारी नहीं: गढ़वाल कमिश्नर
कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में लगाए गए इन बैनरों के संबंध में उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों और दस्तावेजों की पुष्टि के इस विषय पर कोई सीधा बयान देना उचित नहीं होगा।
गंगा सभा की बायोलॉजी और उसके प्रावधानों का किया जाएगा अध्ययन
गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कि हरकी पैड़ी से जुड़ी गंगा सभा की बायोलॉजी, परंपराएं और उससे संबंधित प्रावधानों का गहन अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि इन बैनरों का कानूनी और प्रशासनिक आधार क्या है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले पर शासन और प्रशासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की जाएगी।
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कमिश्नर ने दिए प्रशासनिक निर्णय से पहले समीक्षा के संकेत
कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि हरकी पैड़ी पर लगे इन बैनरों को लेकर जब मीडिया ने सीधे सवाल किए, तो कमिश्नर साफ तौर पर किसी निर्णायक टिप्पणी से बचते दिखाई दिए। इससे यह संकेत जरूर मिल रहे हैं कि प्रशासन जल्द कोई कदम उठाने से पहले मामले की गहन समीक्षा करना चाहता है।