
हल्द्वानी में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतों को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आयुक्त ने पेयजल, सिंचाई और जमरानी बांध परियोजना से जुड़े अधिकारियों को तलब किया और शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया।
फिल्टर प्लांट में CCTV न पाए जाने पर कुमाऊं कमिश्नर ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान फिल्टर प्लांट में सीसीटीवी कैमरे न पाए जाने पर आयुक्त ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी संवेदनशील व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गंदे पानी की शिकायतों को लेकर आयुक्त ने जल संस्थान, सिंचाई विभाग और जमरानी बांध परियोजना के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बलियानाला ट्रीटमेंट और बहुउद्देश्यीय जमरानी बांध को बताया दीर्घकालिक परियोजना
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि बलियानाला ट्रीटमेंट परियोजना और बहुउद्देश्यीय जमरानी बांध परियोजना दीर्घकालिक परियोजनाएं हैं, जिन पर वर्ष 2029 तक लगातार कार्य किया जाना है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत गौला नदी से हल्द्वानी नगर को पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में तीनों विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए नगरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना होगा।
पेयजल की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश
फिल्टर प्लांट निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पेयजल की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने फिल्ट्रेशन प्रक्रिया में निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, क्लोरीन और फिटकरी का नियमानुसार उपयोग करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही जल शुद्धिकरण और परीक्षण की पूरी प्रक्रिया का प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन अनिवार्य रूप से करने को कहा, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।
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