
Ankita bhandari murder case: अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की सिफारिश कर दी है। वहीं दूसरी ओर हरिद्वार में हुई उर्मिला सनावर से SIT पूछताछ के दौरान कथित भाजपा नेता की मौजूदगी की तस्वीर ने एसआईटी जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि तस्वीर में नजर आ रही महिला ने खुद को भाजपा पार्टी से जुड़े होने से इंकार कर दिया।
विपक्ष ने उठाए SIT जांच पर सवाल
सरकार की ओर से SIT जांच निष्पक्ष तरीके से करने का दावा किया गया है। लेकिन एसआईटी की टीम के साथ कथित भाजपा नेता की मौजूदगी से अब जांच पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर से सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का दावा करने वाली SIT ने टीम ने भाजपा नेता मनू शिवपुरी को पूछताछ के दौरान क्यों बैठाया। रौतेला ने कहा SIT जैसी संवेदनशील जांच में किसी भी राजनीतिक व्यक्ति की मौजूदगी जांच की विश्वसनीयता को कमजोर करती है। मनु शिवपुरी आखिर किस हैसियत और किस उद्देश्य से वहां मौजूद थी।
भाजपा नेता होने से किया इंकार
इस मामले को लेकर खबर उत्तराखंड की टीम ने जब मनू शिवपुरी से इस मामले में बातचीत की तो उन्होंने खुद को भाजपा नेता होने से इंकार कर दिया। मनु शिवपुरी ने कहा कि वह सामाजिक कार्यकर्ता और इन्डीपेंडेंट विटनेस के तौर पर उस पूछताछ में शामिल हुई थी। बता दें मनु बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कये ब्रांड एंबेस्डर भी रह चुकी है।
मनु की मौजूदगी से उठ रहे सवाल
अब सवाल ये खड़ा हो रहा है कि पुलिस को इन्डीपेंडेंट विटनेस के तौर पर किसी ओर व्यक्ति का चेहरा नहीं मिला। मनू को ही क्यों इन्डीपेंडेंट विटनेस के तौर पर वहां बैठाया गया। कहीं ऐसा तो नहीं कि मनू शिवपुरी भाजपा की करीबी है, इसलिए उन्हे जांच में शामिल किया गया, ताकि जांच को प्रभावित किया जा सके।