
मिली कामयाबी तो रिश्ते भूल गए वो, जैसे तारों को जमीन का एहसास न रहा…! ये शायरी तो आपने सुनी ही होगी। इन्हीं शायरियों की लाइन से मेल खाता एक मामला यूपी के हापुड़ से सामने आ रही है। ये लाइनें पीड़ित व्यक्ति की जिंदगी मे काफी फिट बैठती है। यहां पर एक पति ने अपनी पत्नी को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाया। लेकिन इसी का सिला पत्नी ने बेवफाई से दिया। अफसर बनते ही उसने अपने पति पर ही केस ठोक दिया।
जिस पति ने पढ़ा-लिखा कर बनाया अफसर उसी पर ठोक दिया केस
दरअसल ये पूरा मामला हापुड़ में पिलखुवा नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पूठा का है। यहां पर रहने वाले गुलशन कुमार को साल 2016 में पायल रानी नाम की लड़की से मुलाकात हुई जो बाद में प्रेम में बदल गया। साल 2021 में दोनों ने कोर्ट-मैरिज की। बाद में साल 2022 में दोनों ने रीति-रिवाजों के साथ शादी रचाई। लेकिन उसी पत्नी ने आज बेवफाई की सारी हदें पार कर दी।
मेहनत की कमाई से पत्नी को पढ़ाया-लिखाया
गुलशन की माने तो शादी में उसने कोई दहेज आदि नहीं लिया। उसने अपनी खुद की मेहनत की कमाई से पायल को पढ़ाया लिखाया। अपने परिवार से लड़-झगड़कर अपनी पत्नी को पढ़ने-लिखने की आजादी दी। साल 2023 में पायल का उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पैक्टर के पद पर सलैक्शन हो गया। ट्रेनिंग के बाद बरेली में उनकी पोस्टिंग हुई।
महिला ने पति ठोका दहेज उत्पीड़न का केस
गुलशन ने बताया कि उसने पायल रानी से कोर्ट मैरिज के समय दहेज में एक रुपया तक नहीं लिया। लेकिन दारोगा बनते ही उसने अपने पति पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही अपनी जान को खतरा होने की भी बात कही। पत्नी आरोप लगाया कि नन्द-नन्दोई द्वारा भी उसे प्रताड़ित किया गया। फिलहाल हापुड़ के एसपी ज्ञानंजय सिंह ने गुलशन की दर्दभरी दास्तां सुनकर उसे न्याय देने का भरोसा जताया है।
‘दारोगा बनने के बाद से ही पत्नी के बदलने लगे तेवर’
गुलशन ने बताया कि उसके सपने पूरे करने के लिए जी-जान से मेहनत की। लेकिन आज वहीं पत्नी जब कामयाब हो गई, उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पैक्टर बन गई। तो सबसे पहली एफआईआर उसके ही नाम दर्ज कर दी।
गुलशन ने बताया कि दारौगा बनने के बाद से ही पायल के तेवर धीरे-धीरे बदलने शुरू हो गए थे। पहले वो इंस्पैक्टर बनने के बाद घर भी आया करती थी। लेकिन अब उसने घर आना तो दूर मिलना भी बंद कर दिया।
पत्नी पायल ने भी रखा अपना पक्ष
तो वहीं पत्नी ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि शादी के दौरान उसके पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार दहेज में 48 जोड़ी कपड़ें और सोने-चांदी दिया था। शादी में 10 लाख का खर्चा आया था। इसके बाद भी गुलशन और उसके परिवार वालों ने दहेज में अतिरिक्त 10 लाख और एक गाड़ी की मांग की।
‘शादी से पहले हो गया था सेलेक्शन’
पायल ने दावा किया कि शादी से पहले ही उसका सेलेक्शन हो गया था। शादी के तीन महीने बाद उसने ट्रेनिंग ली। इसी दौरान ससुरालवाले उससे उसकी सैलरी की डिमांड करने लगे। गुलशन और उसके परिवार ने उसपर 10 लाख रुपए देने का दवाब बनाया। इसी डिमांड के चक्कर में पत्नी ने गुलशन को 10 लाख रुपए लोन में निकालकर भी दिए। इसके बाद भी ससुराल वालों की डिमांड कम नहीं हुई।
गाली-गलौज, मारपीट से परेशान होकर दर्ज कराया केस
पायल ने आरोप लगाया कि जब उसने सैलरी देने से मना किया, तो गुलशन ने न सिर्फ उसके साथ गाली-गलौज की, बल्कि मारा-पीटा भी। साथ ही चेहरे पर तेजाब डालकर जान से मारने की धमकी भी दी। इसी से परेशान होकर पायल ने एफआईआर दर्ज कराई।